अमेरिकी टैरिफ विवाद पर सियासी घमासान, कांग्रेस बोली– मोदी का ‘मेगा’ बना ‘महा सिरदर्द’
अमेरिका की ओर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लागू होने पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेगा फॉर्मूले पर तंज कसा और कहा कि यह भारत के लिए अब महा सिरदर्द बन गया है। रमेश ने कहा कि इन टैरिफ से भारत के श्रम-प्रधान निर्यात पर असर पड़ेगा।
नई दिल्ली (आरएनआई) अमेरिका की ओर भारत पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) बुधवार से लागू हो गए। इसके बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तंज कसा और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल की शुरुआत में अपनी जीत की 'मेगा' फॉर्मूला बताया था, जिसमें उन्होंने कहा था- मागा + मिगा = मेगा (MAGA + MIGA = MEGA)। लेकिन कांग्रेस ने कहा कि अब यह 'मोदी-निर्मित मेगा' भारत के लिए एक 'महा सिरदर्द' बन गया है।
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिका की ओर से लगाया गया 'ट्रंप डबल टैरिफ' अब लागू हो चुका है। इसका सीधा असर भारत के कपड़ा, हीरे-जेवरात, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और इंजीनियरिंग सामान श्रम-प्रधान निर्यात पर पड़ेगा। रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 24 घंटे पहले अमेरिकी वाणिज्य सचिव ने एच1बी वीजा प्रणाली के खिलाफ भी बयान दिया है, जिसका अब तक सबसे ज्यादा लाभ भारतीय आईटी पेशेवरों को ही मिला है।
उन्होंने आगे कहा, यही एच1बी वीजा प्रणाली उस मागा (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) विचारधारा की मांग रही है, जिसका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समर्थन करते हैं। इसी मागा का इस्तेमाल प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल फरवरी में किया था, जब उन्होंने मागा + मिगा = मेगा फॉर्मूला दिया था। अब वही मोदी-निर्मिता मेगा भारत के लिए एक महा सिरदर्द बन गया है।
अमेरिकी की ओर से दोगुना टैरिफ लगने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि मोदी के प्रिय मित्र के इस कदम से केवल 10 क्षेत्रों में ही भारत को अनुमानित 2.17 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होगा।
एक्स पर खरगे ने कहा कि मोदी सरकार ने इस असर को कम करने और किसानों की आजीविका की रक्षा करने के लिए कुछ भी नहीं किया है। उन्होंने लिखा, आपके प्रिय मित्र 'अबकी बार, ट्रंप सरकार' ने भारत पर 50% टैरिफ (शुल्क) लगा दिया है, जो आज से लागू हो गया है। इससे सिर्फ 10 क्षेत्रों में ही 2.17 लाख करोड़ रुपये का पहला झटका लगेगा। हमारे किसान, खासकर कपास उत्पादक किसान, बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। आपने कहा था कि आप उनकी रक्षा के लिए 'कोई भी व्यक्तिगत कीमत चुकाने को तैयार' हैं, लेकिन आपने इस झटके को कम करने और उनकी आजीविका की रक्षा के लिए कुछ भी नहीं किया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इन टैरिफ के कारण भारत को अपनी जीडीपी का लगभग 1% नुकसान होगा और चीन को इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इससे भारत के छोटे और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) पर बुरा असर पड़ेगा। खरगे ने कहा, जीटीआरआई का सुझाव है कि हमारी जीडीपी का लगभग 1% प्रभावित हो सकता है और चीन को इसका फायदा होगा। कई निर्यात आधारित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में, खासकर एमएसएमई में बड़े पैमाने पर नौकरियां जाएंगी।
इस साल फरवरी में प्रधानमंत्री मोदी ने 'मेक इंडिया ग्रेट अगेन' (मिगा) का नारा दिया था, जो ट्रंप के 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' से प्रेरित था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने कहा था कि ये दोनों मिलकर एक महा (मेगा) साझेदारी दारी बनाते हैं, जो भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाई देंगे।
मोदी ने यह बात उस समय कही थी जब वह अमेरिका के दौरे पर थे और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। वहां दोनों नेताओं के बीच व्यापक चर्चा हुई थी, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की बात हुई थी। अब अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, जो रूसी तेल खरीदने को लेकर है। यह टैरिफ बुधवार से लागू हो गया है। इससे भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ का बोझ बन गया है।
सात अगस्त को ही ट्रंप ने यह भी कहा था कि भारत पर लगने वाला टैरिफ 50 फीसदी कर दिया जाएगा क्योंकि भारत रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है। हालांकि, भारत को समझौता करने के लिए 21 दिन का समय दिया गया था। सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह किसानों, पशुपालकों और लघु उद्योगों के हितों से कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि हम पर दबाव जरूर बढ़ेगा, लेकिन हम उसका सामना करेंगे।
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