अफगानी मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों की एंट्री पर बैन, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
नई दिल्ली (आरएनआई) अफगानिस्तान के तालिबान कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस दौरान महिला पत्रकारों को कथित तौर पर एंट्री नहीं दी गई, जिस पर कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार को घेरा।
कांग्रेस का कड़ा रुख
कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने इस घटना को “भारत की सक्षम महिलाओं का अपमान” करार दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया और स्पष्ट करने का आग्रह किया कि महिलाओं के अधिकारों को मान्यता देने का वादा सिर्फ चुनावी दिखावा नहीं है।
वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पुरुष पत्रकारों को अपनी महिला सहकर्मियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार कर देना चाहिए था। उन्होंने लिखा:
"मुझे हैरानी है कि अफगानिस्तान के मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को शामिल नहीं किया गया। पुरुष पत्रकारों को इसका विरोध करना चाहिए था।"
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी भाजपा सरकार और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि तालिबान के भेदभावपूर्ण रीति-रिवाजों को मानना "हास्यास्पद" है और महिला पत्रकारों को बाहर रखने की घटना निराशाजनक है।
मुत्ताकी का भारत दौरा
मुत्ताकी 9 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक भारत में एक हफ्ते के दौरे पर हैं। यह अगस्त 2021 के बाद तालिबान का भारत आने वाला पहला उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल है। अपनी यात्रा के पहले दिन उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक की और दोनों देशों के बीच सहयोग और संबंधों को मज़बूत करने पर चर्चा की।
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