मणिपुर में सुरक्षा बलों की सतर्कता से बड़ा तनाव टला, इंफाल पश्चिम में खाली घरों में आगजनी
मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में शनिवार को सुरक्षा बलों की सतर्कता से संभावित बड़ा सांप्रदायिक टकराव टल गया। पुलिस के अनुसार, करीब 600 लोगों की भीड़ कांतो सबाल इलाके की ओर बढ़ रही थी, जिसे समय रहते रोक दिया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का लाठीचार्ज भी किया। इसके बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए।
पुलिस ने बताया कि इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने खाली पड़े मकानों में आग लगाने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कांगपोकपी जिले की ओर से आए लोगों ने कांतो सबाल इलाके में मैतेई समुदाय के कम से कम तीन खाली पड़े घरों में आग लगा दी। उनका कहना है कि दोपहर करीब 12:30 बजे बड़ी संख्या में लोग पहाड़ी क्षेत्र से घाटी की ओर पहुंचे, आगजनी की और फिर लौट गए। जिन मकानों को निशाना बनाया गया, वे मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से खाली पड़े थे।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग कांतो सबाल की ओर बढ़ने लगे, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इससे कुछ समय के लिए स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। कांतो सबाल की निवासी थोकचोम रेबुबाला देवी ने आरोप लगाया कि 500 से अधिक लोग रैली के रूप में इलाके में पहुंचे और मैतेई समुदाय के खाली घरों में आगजनी की। हालांकि पुलिस ने हालात को नियंत्रण में बताते हुए कहा कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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