IGI एयरपोर्ट पर फर्जी वीजा रैकेट का पर्दाफाश, तमिलनाडु से मास्टरमाइंड एजेंट गिरफ्तार
नई दिल्ली (आरएनआई) इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर काम कर रही एयरपोर्ट यूनिट ने एक बड़े फर्जी वीजा रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो भारतीय युवाओं को नकली फ्रेंच D-टाइप वीजा देकर विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देता था। पुलिस ने रैकेट के मास्टरमाइंड वी. कन्नन वडामलाई को तमिलनाडु से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
एयरपोर्ट डीसीपी विचित्र वीर के मुताबिक, कन्नन वडामलाई तमिलनाडु के नमक्कल का निवासी है और पूछताछ में उसने अपने अपराध स्वीकार कर लिए हैं। आरोपी परमथी में सरकार से जुड़ी एक आईटीआई चलाने के साथ वेलूर में “वेट्री ओवरसीज” नामक विदेश शिक्षा कंसल्टेंसी भी संचालित करता था। इसी कंसल्टेंसी के जरिए वह नौकरी चाहने वाले युवाओं को फ्रांस में वेयरहाउस की नौकरी दिलाने का लालच देता था।
छानबीन में पता चला कि कन्नन ने मदुरै के एजेंट साथिक सैयद उर्फ अब्दुल हकीम की मदद से कम से कम 16 युवाओं को विदेश भेजने का झांसा दिया था। उम्मीदवारों का फर्जी इंटरव्यू कराया जाता था और उसके बाद उन्हें नकली फ्रेंच D-टाइप वीजा उपलब्ध कराए जाते थे। इसके बदले भारी रकम वसूली जाती थी, जो बैंक ट्रांसफर और नकद दोनों रूपों में ली जाती थी।
एयरपोर्ट यूनिट की सतर्कता से पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। कार्रवाई के दौरान तमिलनाडु से मुख्य आरोपी कन्नन वडामलाई के साथ नवीराज सुब्रमण्यम, मोहन गांधी एलंगोवन और प्रभाकरन सेंथिलकुमार को भी पकड़ा गया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह रैकेट इसी तरह के और कितने मामलों में शामिल रहा है।
एयरपोर्ट पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई विदेश में नौकरी की चाह रखने वाले लोगों को ठगने वाले बड़े नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता है।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



