दिल्ली में दस्तक देने को तैयार मानसून; पूरे भारत में बारिश का दौर; आईएमडी ने जारी किया अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि मानसून हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्सों में पहुंच गया है। अगले 2 दिनों के दौरान उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा के कुछ हिस्सों और चंडीगढ़ व दिल्ली में मानसून के पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
नई दिल्ली (आरएनआई) दक्षिण पश्चिम मानसून लद्दाख और हिमाचल प्रदेश तक पहुंच गया है। अब सिर्फ जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ही ऐसे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं, जहां मानसून का दस्तक देना बाकी है। लेकिन अन्य राज्यों के साथ ही इन राज्यों में भी झमाझम बारिश हो रही है।
हिमाचल प्रदेश में जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। यूपी में बिजली गिरने से चार बच्चों की मौत हो गई है, जबकि छत्तीसगढ़ में दो बच्चों समेत चार लोग उफनती नदी में बह गए हैं। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में 22 जून से और अधिक तेज वर्षा की संभावना जताई है। पूर्वोत्तर में अगले सात दिनों तक भारी बारिश होने के आसार हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि मानसून हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्सों में पहुंच गया है। वहीं, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों, पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में भी आगे बढ़ गया है। अगले 2 दिनों के दौरान उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा के कुछ हिस्सों और चंडीगढ़ व दिल्ली में मानसून के पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। हिमाचल में पहले से मानसून पूर्व हल्की बारिश हो रही है। अब मानसून के दस्तक के साथ ही मूसलाधार वर्षा शुरू हो गई है। इससे कई जगह भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। धर्मशाला-चतरो-गग्गल मार्ग समेत कई सड़कों पर भूस्खलन के चलते यातायात बंद हो गया है।
पूर्वोत्तर झारखंड और उसके आसपास के इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर होकर निम्न दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया है और दक्षिण बिहार और उसके आसपास के इलाकों में पहुंच गया है। पूर्वोत्तर राजस्थान और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। वहीं उत्तर-पश्चिम राजस्थान से मेघालय तक भी एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान के ज्यादातर इलाकों में पहुंच गया है और इन इलाकों में भारी बारिश हो रही है। शुक्रवार को भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया में सबसे अधिक 114 मिमी बारिश हुई, जबकि जयपुर के फुलेरा, कोटा के रामगंजमंडी और भीलवाड़ा के शाहपुर प्रत्येक में 110 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में दो जगहों पर बिजली गिरने से चार बच्चों की मौत हो गई। पहली घटना सराय अकिल इलाके में हुई जहां घास काट रहे चार बच्चे बिजली की चपेट में आ गए। इनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो का अस्पताल में इलाज चल रहा है। दूसरी घटना कौशांबी थाना क्षेत्र के तारा का पुरा गांव में हुई जहां 15 साल के गोविंद की मौके पर मौत हो गई, जबकि 12 साल की रूपा ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं, छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में उफनती मैनी नदी में दो बच्चों समेत चार लोग बह गए। भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था। सभी की तलाश जारी है, लेकिन अब तक किसी का पता नहीं चल पाया है।
हिमाचल प्रदेश में पहले से ही मानसून पूर्व हल्की बारिश हो रही है और अब मानसून के दस्तक देने के साथ ही मूसलाधार वर्षा शुरू हो गई है। इससे कई जगह भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। धर्मशाला-चतरो-गग्गल मार्ग समेत कई सड़कों पर भूस्खलन के चलते यातायात बंद हो गया है। कई इलाकों में जलभराव भी हुआ है। नाहन में सबसे अधिक 84.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सुंदरनगर, शिमला और कांगड़ा में गरज के साथ बारिश हुई, जबकि बजौरा में 37 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
पंजाब और हरियाणा में भी कई जगह भारी बारिश हुई है, जिससे तापमान में और गिरावट दर्ज की गई है। चंडीगढ़ में सुबह के समय 9.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई। हरियाणा के रोहतक, फरीदाबाद और गुरुग्राम में भारी बारिश हुई, जबकि पंजाब के पठानकोट, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और होशियारपुर में भी बौछारें पड़ीं। दोनों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर 25 जून तक हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश से मौसम सुहाना हो गया है और तपती गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



