'जय जगन्नाथ' के जयकारों से गूंजा गुना, पांचवीं भव्य रथयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब
शहर में गुरुवार को धर्म, आस्था और भक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। मौका था लगातार पांचवें वर्ष आयोजित हो रहे विशाल श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव का, जिसे लेकर पूरे गुना अंचल में भारी उत्साह और उमंग का माहौल रहा। राजीव सोनी मित्र मंडल और गीता मानस प्रचार समिति के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य धार्मिक उत्सव से पूरा शहर जगन्नाथमयी नजर आने लगा।
हनुमान मंदिर से रथ पर सवार होकर निकले भगवान
तय कार्यक्रम के अनुसार, गुरुवार दोपहर ठीक 2 बजे गुलाबगंज कैंट स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर से इस भव्य रथ यात्रा का विधि-विधान से शुभारंभ हुआ। एक विशाल और सुसज्जित रथ पर भगवान जगन्नाथ, उनके अग्रज भाई बलदेव और बहन सुभद्रा जी दिव्य प्रतिमा रूप में विराजमान हुए। भगवान के दर्शन करने और उनके रथ को अपने हाथों से खींचकर पुण्य लाभ कमाने के लिए गुना शहर सहित अंचल के सभी विकासखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
भजनों की धुन पर थिरके श्रद्धालु, जगह-जगह हुआ स्वागत
बैंड-बाजों की सुमधुर लहरियों और संकीर्तन की गूंज के साथ जब रथ यात्रा आगे बढ़ी, तो नजारा देखते ही बनता था। रथ के आगे और पीछे बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु भजनों की धुन पर नाचते-झूमते हुए चल रहे थे, वहीं हवा में गूंजते जय जगन्नाथ के गगनभेदी जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। गुलाबगंज से शुरू होकर यह यात्रा कैंट चौराहा होते हुए हनुमान चौराहे पर पहुंची। यहाँ उमड़े जनसैलाब ने अपार श्रद्धा के साथ भगवान की महाआरती उतारी और पुष्पवर्षा कर रथ यात्रा का आत्मीय स्वागत किया।
मुख्य मार्गों से होते हुए जयस्तंभ चौराहे पर समापन
हनुमान चौराहे से आगे बढ़ते हुए यह भव्य रथ यात्रा शहर के मुख्य व्यावसायिक मार्गों, जिनमें हाट रोड और सदर बाजार शामिल हैं, से होकर गुजरी। पूरे मार्ग में जगह-जगह सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा तोरण द्वार सजाकर भगवान का स्वागत किया गया। इस पावन यात्रा का समापन देर शाम जयस्तंभ चौराहा स्थित प्राचीन श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर पर हुआ। यहाँ भगवान जगन्नाथ की दिव्य महाआरती उतारी गई, जिसके बाद उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं के बीच विशाल महाप्रसादी का वितरण किया गया।
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