हिंदुत्व पर बीजेपी को घेरा, रहमान का किया जिक्र… 19 साल बाद उद्धव के सामने क्या-क्या बोले राज ठाकरे?

19 वर्षों के बाद, राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक साथ आए हैं। महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे। राज ठाकरे ने हिंदी भाषा के जबरन थोपे जाने पर चिंता व्यक्त की और मराठी भाषा और महाराष्ट्र के हितों को सर्वोच्च बताया है। उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को दोनों भाइयों के साथ आने का श्रेय दिया और मराठी अस्मिता की रक्षा का संकल्प लिया।

Jul 5, 2025 - 14:52
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हिंदुत्व पर बीजेपी को घेरा, रहमान का किया जिक्र… 19 साल बाद उद्धव के सामने क्या-क्या बोले राज ठाकरे?

महाराष्ट्र (आरएनआई) महाराष्ट्र की सियासत में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि करीब 19 साल के लंबे समय के बाद राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे साथ आ गए हैं। दोनों भाइयों ने एक साथ मंच शेयर किया और गले भी लगे। इस मौके पर सीएम देवेंद्र फडणवीस पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने अपने भाषण में बीजेपी के हिंदुत्व के मुद्दे और ए आर रहमान का भी जिक्र किया। राज ने कहा कि मैंने अपने इंटरव्यू में कहा था कि झगड़े से बड़ा महाराष्ट्र है। हमारे लिए सिर्फ महाराष्ट्र और मराठी एजेंडा है, कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है।

राज ठाकरे ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि हम दोनों की भाषण खत्म होने के बाद एक जोरदार आवाज आनी चाहिए। मराठी आदमी कैसे सभी चीजों को दूर रखकर एक साथ है। यह दृश्य बता रहा है। 20 साल के बाद मैं और उद्धव एक साथ आ रहे हैं। हम दोनों को एक साथ लाने का श्रेय देवेंद्र फडणवीस को जाता है।

उन्होंने कहा कि लोगों की बॉडी लैंग्वेज देखो। आज का ये जश्न किसी पक्ष का नहीं। मराठी भाषा को लेकर है। क्या जरूरत थी हिंदी की? छोटे बच्चों को हिंदी? इन्हें महाराष्ट्र में ही सब कुछ करना दक्षिण के राज्यों में नहीं? उन्होंने हिंदी बुलवाने की उन्होंने कोशिश की, लेकिन देखो आज हमने दिखा दिया।

राज ठाकरे ने कहा, ‘हम शांत है, इसका मतलब ये नहीं की हम डरते हैं, कोई भी मुंबई को महाराष्ट्र से अलग नहीं कर सकता है। हिंदी अच्छी भाषा है, लेकिन थोप नहीं सकते हैं। हिंदी बोलने वाले महाराष्ट्र में रोजगार के लिए आते हैं।

उन्होंने कहा ‘एक मंत्री मुझसे मिले और अपनी बात सुनाने को कहा- मैंने साफ कहा, मैं सुनूंगा पर मानूंगा नहीं। मैंने उनसे पूछा कि उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में तीसरी भाषा क्या होगी? ये सभी हिंदी भाषी राज्य हमसे पीछे हैं, हम उनसे आगे हैं, फिर हमें जबरन हिंदी क्यों सीखनी पड़े, यह अन्याय है।

राज ठाकरे ने कहा, ‘ये तीन भाषा का फार्मूला कहां से आया, ये सिर्फ केंद्र सरकार से आया है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में आज सब कुछ अंग्रेजी में हो रहा है। किसी और राज्य में ऐसा नहीं है। सिर्फ महाराष्ट्र में ही ऐसा क्यों? जब महाराष्ट्र जागता है, तो दुनिया देखती है।’

उन्होंने कहा, मेरे पिता और बाला साहेब ने भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाई की थी। क्या आपने कभी उनके मराठी या महाराष्ट्र प्रेम पर सवाल उठाया? लालकृष्ण आडवाणी सेंट फ्रांसिस इंग्लिश हाई स्कूल में पढ़ाई की है। उसका क्या?? इस दौरान ठाकरे कई नेताओं की पढ़ाई का जिक्र भी किया। उन्होंने इंग्लिश में पढ़ाई की है।

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