सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए वायुसेना का बड़ा कदम, 13 से 20 नवंबर तक होगा युद्धाभ्यास
सिलीगुड़ी (आरएनआई)। भारत ने देश की पूर्वोत्तर सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के लिए सिलीगुड़ी कॉरिडोर क्षेत्र में वायुसेना का बड़ा सैन्य अभ्यास आयोजित करने का निर्णय लिया है। वायुसेना ने इसके लिए आधिकारिक तौर पर नोटम (Notice to Airmen) जारी कर दिया है, जिसके तहत अभ्यास की अवधि के दौरान नागरिक उड़ानों पर अस्थायी रोक रहेगी। यह कदम उस संवेदनशील गलियारे की सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया है, जो भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों को देश के बाकी हिस्से से जोड़ता है।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर का यह इलाका सामरिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। यह वही क्षेत्र है जो सिक्किम के नाकुला और भूटान सीमा से सटे दोकलम इलाके के बेहद करीब है — जहां 2017 में भारत और चीन के बीच बड़ा सैन्य गतिरोध हुआ था। 2020 में भी नाकुला सेक्टर में दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी।
13 से 20 नवंबर के बीच होने वाले इस अभ्यास में वायुसेना के लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों की तैनाती की जाएगी। जियो-इंटेलिजेंस विशेषज्ञ डेमियन साइमन के अनुसार, वायुसेना इस दौरान इलाके में हवाई निगरानी और युद्ध तैयारियों की कई उन्नत रणनीतियों का परीक्षण करेगी। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश सीमा के नजदीक तवांग क्षेत्र में भी 13 से 15 नवंबर और फिर 17 से 19 नवंबर के बीच अलग अभ्यास प्रस्तावित है।
सूत्रों के मुताबिक, इन सैन्य अभ्यासों का उद्देश्य भारत-चीन-भूटान ट्राई-जंक्शन क्षेत्र में किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की तत्परता सुनिश्चित करना है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत की पूर्वोत्तर सीमाओं पर बढ़ती गतिविधियों के बीच सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करेगा तथा क्षेत्र में सामरिक संतुलन बनाए रखने में मददगार साबित होगा।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



