वैश्विक खाद्य कीमतों में गिरावट: दूध-तेल-चीनी सस्ते, उपभोक्ताओं को राहत
नई दिल्ली (आरएनआई) वैश्विक स्तर पर महंगाई के दबाव के बीच नवंबर का महीना उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, लगातार तीसरे माह खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। दूध, वनस्पति तेल, चीनी और मीट जैसी प्रमुख वस्तुएं सस्ती हुई हैं, जबकि अनाज की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है।
एफएओ के मुताबिक, वैश्विक खाद्य मूल्य सूचकांक नवंबर में 125.1 पॉइंट पर रहा, जो अक्तूबर की तुलना में 1.2 प्रतिशत कम है और मार्च 2022 के रिकॉर्ड स्तर की तुलना में लगभग 22 प्रतिशत नीचे आ चुका है। सालाना आधार पर भी नवंबर 2024 के मुकाबले इसमें 2.1 प्रतिशत की गिरावट रही।
अनाज मूल्य सूचकांक में नवंबर में 1.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 105.5 अंक पर पहुंच गया। गेहूं के दाम 2.5 प्रतिशत तक बढ़े, जिसकी वजह चीन द्वारा अमेरिका से अधिक आयात, ब्लैक सी क्षेत्र में तनाव और रूस में बुवाई कम होने की आशंका रही। मक्का, जौ और ज्वार के भाव भी मांग बढ़ने और आपूर्ति में बाधा के चलते ऊपर गए। हालांकि चावल के दाम 1.5 प्रतिशत गिरे, क्योंकि कई देशों में नई फसल बाजार में आने लगी है और आयात मांग कमजोर रही।
तेल मूल्य सूचकांक नवंबर में घटकर 165 अंक पर आ गया। पाम, सूरजमुखी और रेपसीड तेल के दाम उत्पादन बढ़ने और वैश्विक कच्चे तेल के सस्ता होने की वजह से नीचे आए। केवल सोया तेल में बायोडीजल की मांग बढ़ने से हल्की बढ़ोतरी देखी गई।
चीनी की कीमतों में सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई। चीनी मूल्य सूचकांक 88.6 अंक पर रहा, जो अक्टूबर से 5.9 प्रतिशत और पिछले वर्ष से लगभग 30 प्रतिशत कम है। ब्राजील में चीनी उत्पादन बढ़ने, भारत में नए फसल वर्ष की अच्छी शुरुआत और थाईलैंड में अनुकूल मौसम ने वैश्विक आपूर्ति को मजबूत किया है, जिससे दाम तेजी से नीचे आए।
विशेषज्ञों का कहना है कि खाद्य कीमतों में आई यह नरमी उपभोक्ताओं को तत्काल राहत देती है, लेकिन अनाज में जारी उतार-चढ़ाव यह संकेत देता है कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंताएं अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



