बिहार चुनाव: महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये ने नीतीश कुमार की 10वीं पारी में अहम भूमिका निभाई
पटना (आरएनआई)। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में एनडीए प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करती दिख रही है, और इसके साथ ही नीतीश कुमार दसवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। इस बार उनकी जीत में महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये के ट्रांसफर ने निर्णायक भूमिका निभाई है।
नीतीश सरकार की महिला रोजगार योजना के तहत 1.5 करोड़ महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए। इस योजना का उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना था और इसे चुनाव से ठीक पहले कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए पहले 75 लाख महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर की थी, जिसे बाद में 1.5 करोड़ तक बढ़ा दिया गया।
चुनाव विश्लेषकों के अनुसार, इस योजना ने महिलाओं में एनडीए के प्रति समर्थन मजबूत किया और विपक्ष की रणनीति को कमजोर कर दिया। बिहार में महिला मतदाताओं की संख्या लगभग 3.6 करोड़ है, जिनमें से 71 प्रतिशत से अधिक ने इस चुनाव में मतदान किया। 1.5 करोड़ महिलाओं के सीधे लाभ से न केवल उनके वोट पर असर पड़ा बल्कि उनके परिवारों में भी सकारात्मक माहौल बना, जिससे एनडीए को अतिरिक्त समर्थन मिला।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राशि किसी तरह का लोन नहीं है। इसे महिलाओं को रोजगार शुरू करने और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए दिया गया है। योजना के तहत यदि महिलाएं इस राशि से सफल व्यवसाय स्थापित करती हैं तो उन्हें 2 लाख रुपये तक का अतिरिक्त लोन भी मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि महिला मतदाताओं के समर्थन के कारण यह योजना चुनाव में गेम चेंजर साबित हुई और नीतीश कुमार को 10वीं बार बिहार का मुख्यमंत्री बनने में मदद मिली। इस तरह महिलाओं की निर्णायक भूमिका और सरकार की प्रगतिशील नीतियों ने राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम योगदान दिया।
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