दिल्ली हाईकोर्ट से ANI को झटका, Dynamite News को मिली बड़ी राहत
नई दिल्ली (आरएनआई) समाचार एजेंसी एशियन न्यूज़ इंटरनेशनल (ANI) को बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने डाइनामाइट न्यूज़ के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन के मुकदमे में एएनआई द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए कहा कि उसमें कोई दम नहीं है।
न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर और ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि एएनआई की अपील निराधार है और इसे प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज किया जाता है। इसके साथ ही अदालत ने एएनआई के आचरण पर भी नाराज़गी जताई और उसे “अनुचित” बताया।
मामले की पृष्ठभूमि
डाइनामाइट न्यूज़ ने अदालत को बताया था कि वह पिछले दस वर्षों से यूट्यूब चैनल “Dynamite News” संचालित कर रहा है और इस दौरान उसने 17 हज़ार से अधिक वीडियो अपलोड किए हैं।
इनमें से केवल नौ वीडियो में, किसी कर्मचारी की अनजाने में हुई गलती से, एएनआई के कुछ सेकंड के दृश्य शामिल हो गए थे। चैनल ने अदालत को भरोसा दिलाया कि भविष्य में वह एएनआई की किसी भी सामग्री का उपयोग नहीं करेगा।
इसके बाद अदालत ने आदेश दिया था कि जैसे ही डाइनामाइट न्यूज़ उन वीडियो को हटाएगा, यूट्यूब उसका चैनल अनब्लॉक कर दे।
एएनआई की अपील खारिज
इस आदेश के खिलाफ एएनआई ने डिवीजन बेंच में अपील की थी, लेकिन बुधवार को हाईकोर्ट ने यह अपील पूरी तरह से खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि एकल न्यायाधीश का आदेश सही और न्यायसंगत है।
इस फैसले के बाद डाइनामाइट न्यूज़ का यूट्यूब चैनल बहाल रहेगा, और एएनआई को किसी भी तरह की राहत नहीं मिली। अदालत की सख्त टिप्पणियों ने एएनआई के रवैये पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
यू-ट्यूबर पत्रकारों के लिए राहत
यह फैसला उन स्वतंत्र पत्रकारों और यू-ट्यूबरों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो समाचार कवरेज के दौरान कभी-कभी किसी बड़ी एजेंसी के दृश्यांश का सीमित उपयोग करते हैं। अदालत के इस आदेश के बाद ऐसे मीडिया संस्थानों को मनमाने कॉपीराइट दावों से संरक्षण मिलेगा।
डाइनामाइट न्यूज़ की प्रतिक्रिया
डाइनामाइट न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ मनोज टिबड़ेवाल आकाश ने कहा कि यह निर्णय स्वतंत्र डिजिटल मीडिया और निष्पक्ष पत्रकारिता की जीत है। उन्होंने कहा, “हमने कानून और सच्चाई पर भरोसा रखा, और अदालत ने न्याय दिया। यह फैसला उन सभी छोटे मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रेरणा है, जो सच की आवाज़ उठाते हैं।”
मनोज टिबड़ेवाल आकाश का पूर्व योगदान
वरिष्ठ पत्रकार मनोज टिबड़ेवाल आकाश पहले दिल्ली दूरदर्शन में मुख्य राजनीतिक संवाददाता और प्राइम टाइम एंकर रह चुके हैं। उन्होंने इंडिया टुडे और द इंडियन एक्सप्रेस जैसे प्रमुख संस्थानों में भी कार्य किया है। पिछले वर्ष उनकी जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अवैध बुलडोज़र कार्रवाई पर रोक लगाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पर ₹25 लाख का जुर्माना लगाया था — जो एक ऐतिहासिक फैसला माना गया।
दिल्ली हाईकोर्ट का यह आदेश न केवल डाइनामाइट न्यूज़ के लिए राहत भरा है, बल्कि डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नज़ीर (precedent) के रूप में देखा जा रहा है। यह फैसला दिखाता है कि मीडिया संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा में भी न्याय, पारदर्शिता और जिम्मेदारी सर्वोपरि रहनी चाहिए।
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