ट्रंप प्रशासन को अदालत से झटका, फलस्तीन समर्थक महमूद खलील को बड़ी राहत
United States में Donald Trump प्रशासन को उस समय बड़ा झटका लगा, जब एक संघीय अपीलीय अदालत ने फलस्तीन समर्थक छात्र नेता Mahmoud Khalil को राहत देते हुए उनकी निर्वासन प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी।
महमूद खलील, जो अमेरिका के स्थायी निवासी हैं, को वर्ष 2024 में Columbia University में फलस्तीन के समर्थन में हुए प्रदर्शनों का नेतृत्व करने के बाद अमेरिकी अप्रवासन अधिकारियों ने हिरासत में लिया था। अमेरिकी सरकार का आरोप था कि खलील की मौजूदगी देश की विदेश नीति और राष्ट्रीय हितों के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
कई महीनों तक हिरासत में रहने के बाद न्यू जर्सी की एक संघीय अदालत ने खलील को रिहा कर दिया था। अदालत ने सरकार की कार्रवाई को असंवैधानिक करार देते हुए कहा था कि नागरिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।
इसके बाद मामला यूएस थर्ड अपीलीय सर्किट कोर्ट पहुंचा। अदालत ने माना कि न्यू जर्सी के जज को इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं था और पहले इस पर इमिग्रेशन अदालतों में सुनवाई होनी चाहिए। हालांकि अपीलीय अदालत ने अपने फैसले पर अस्थायी रोक लगाते हुए महमूद खलील को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया।
इस फैसले को ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति और फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनों पर कार्रवाई के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत माना जा रहा है। वहीं मानवाधिकार संगठनों और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



