चुनाव से पहले सुदर्शन रेड्डी का भावुक संदेश: 'लोकतंत्र की रक्षा ही मेरा संकल्प'

उपराष्ट्रपति पद के विपक्षी उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने चुनाव से पहले सांसदों को एक भावुक संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी उम्मीदवारी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा बचाने की सामूहिक कोशिश है। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की अपील करते हुए कहा कि राज्यसभा को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हितों की आवाज बनना चाहिए।

Sep 7, 2025 - 20:54
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चुनाव से पहले सुदर्शन रेड्डी का भावुक संदेश: 'लोकतंत्र की रक्षा ही मेरा संकल्प'

नई दिल्ली (आरएनआई) आगामी नौ सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर देशभर में चर्चा तेज है। इससे पहले विपक्षी दल के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी सुदर्शन रेड्डी ने सांसदों को एक भावुक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यह उम्मीदवारी उनकी निजी महत्वाकांक्षा नहीं है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक संरचना को बचाने की सामूहिक कोशिश है।सांसदों को दिए संदेश में रेड्डी ने कहा कि जैसे-जैसे देश में लोकतांत्रिक स्पेस सिमट रहा है, हमारा कर्तव्य है कि हम लोकतांत्रिक गणराज्य की आत्मा की रक्षा करें। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र टकराव नहीं, सहयोग पर चलता है। उन्होंने कहा कि मेरी ताकत सुनने, समझाने और सहमति बनाने में है।

इसके साथ ही अपनी राज्यसभा की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह सदन ऐसा मंच होना चाहिए जहां राष्ट्रीय हित, दलगत राजनीति से ऊपर हों। इस दौरान रेड्डी ने सांसदों से अपील की कि वे इस चुनाव को सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया न समझें, बल्कि इसे लोकतंत्र की आत्मा की रक्षा के रूप में देखें।

रेड्डी ने आगे कहा कि मैं आपसे अपने लिए समर्थन नहीं मांग रहा, बल्कि उन मूल्यों के लिए मांग रहा हूं जो हमें एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बनाते हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इस चुनाव में किसी पार्टी का व्हिप नहीं होता, इसलिए सांसदों को अपने वोट देशभक्ति और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर देना चाहिए।
रेड्डी ने आगे कहा कि अगर आप मुझे इस जिम्मेदारी के लिए चुनते हैं, तो आप राज्यसभा को लोकतंत्र के एक सच्चे मंदिर के रूप में मजबूत करेंगे। यह सिर्फ उपराष्ट्रपति चुनने का नहीं, बल्कि भारत की आत्मा को बचाने का चुनाव है। उन्होंने सभी सांसदों से आग्रह किया कि वे इस मौके को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि इसे देश के लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा के एक मौके के रूप में देखें।

बात अगर विपक्षी उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी की करें तो उन्होंने सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के लिए लंबा संघर्ष किया है। वे पहले आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के जज, गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश रह चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट में रहते हुए उन्होंने कई अहम फैसले दिए, जिनमें कालेधन मामलों की जांच और नक्सलवाद के खिलाफ सलवा जुडुम को असंवैधानिक ठहराना शामिल है। विपक्ष ने इस चुनाव को एक विचारधारा की लड़ाई बताया है। हालांकि बहुमत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पक्ष में है।

उपराष्ट्रपति चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर और राज्यसभा के सचिव पीसी मोदी ने बताया कि मतदान नौ सितंबर को सुबह 10 बजे शुरू होगा और शाम 5 बजे बंद होगा। मतदान संसद भवन के कमरे नंबर F-101, वसुधा में होगा। वोटों की गिनती उसी दिन शाम छह बजे शुरू होगी और तुरंत परिणाम घोषित किया जाएगा।

मतदान के लिए दोनों सदनों के सांसदों को मिलाकर कुल 788 सदस्य (अभी 781 सक्रिय सदस्य) हिस्सा लेंगे, जिसमें 233 राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य, 12 राज्यसभा के नामित सदस्य और 543 लोकसभा के निर्वाचित सदस्य शामिल हैं।

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