कोलकाता की लॉ छात्रा को बेहोश करने के लिए दिया गया इनहेलर: वकील ने कोर्ट में किया खुलासा
अपनी शिकायत में लॉ की छात्रा ने कहा था कि तबीयत बिगड़ने पर उसने इनहेलर का इस्तेमाल किया। उसने भागने की भी कोशिश की, लेकिन उसे दूसरे कमरे में खींच लिया गया और कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
कोलकाता (आरएनआई) वारदात की रात जब कोलकाता दुष्कर्म पीड़िता को पैनिक अटैक आया और उसने अस्पताल ले चलने की गुहार लगाई तो आरोपियों ने राक्षसों से भी बदतर सलूक किया। उन्होंने छात्रा की चिंता की वजह से इनहेलर नहीं दिया गया, बल्कि इसलिए दिया गया ताकि वह ठीक हो सके और उसके साथ कुकर्म की जा सके। सरकारी वकील ने कोलकाता की एक अदालत में यह दावा किया।
इससे पहले 24 साल की लॉ की छात्रा के साथ 25 जून को कोलकाता के कस्बा इलाके के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया था। कॉलेज के 31 वर्षीय पूर्व छात्र मनोजीत मिश्रा को मामले के मुख्य आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 19 साल जैब अहमद और 20 साल के प्रमित मुखोपाध्याय के रूप में पहचाने गए दो छात्र और एक सुरक्षा गार्ड को भी गिरफ्तार किया गया है।
इससे पहले अपनी शिकायत में छात्रा ने कहा था कि उस पर हमले से पहले उसे घबराहट का दौरा (पैनिक अटैक) पड़ा था। इस दौरान मनोजीत ने अन्य आरोपियों में से एक से उसके लिए इनहेलर लाने को कहा था। पीड़िता ने इनहेलर का इस्तेमाल किया और उसे कुछ बेहतर महसूस हुआ। इसके बाद उसने दरिंदों के चंगुल से भागने की कोशिश की, लेकिन वे उसे सुरक्षा गार्ड के कमरे में घसीटा ले गए और कथित तौर पर मनोजीत ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि अहमद और प्रमित ने इस कुकृत्य को रिकॉर्ड किया।
कोलकाता की एक अदालत में आरोपी की 10 दिन की पुलिस हिरासत की मांग करने वाली सुनवाई के दौरान सरकारी अभियोजक ने कहा कि पीड़िता के आरोपों की पुष्टि चिकित्सा और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के माध्यम से की जा रही है। अभियोजक ने कहा, 'सबसे पहले पीड़िता पर क्रूरतापूर्वक हमला किया गया। जब उसकी तबीयत खराब हो गई, तो उसे इनहेलर दिया गया। इनहेलर इसलिए नहीं दिया गया था कि वह ठीक हो जाए, बल्कि इसलिए दिया गया था कि जैसे ही वह ठीक हो जाए, उसे फिर से क्रूरतापूर्वक प्रताड़ित किया जा सके।'
10 दिन की हिरासत के लिए अपना मामला रखते हुए अभियोजक ने कहा कि जांच अभी भी अधूरी है और कई अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। हालांकि, मनोजीत और दो छात्रों की ओर से पेश हुए बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल पूरा सहयोग कर रहे हैं। यह पूछते हुए कि क्या पीड़िता का फोन जब्त कर लिया गया है और कॉल डिटेल रिकॉर्ड एकत्र किए गए हैं? वकील ने मामले को अपने मुवक्किलों के खिलाफ साजिश बताया। इसके बाद कोर्ट ने ने मनोजीत और दोनों छात्रों को 8 जुलाई तक कोलकाता पुलिस की हिरासत में भेज दिया। इसके अलावा सुरक्षा गार्ड को शुक्रवार तक की हिरासत में भेजा गया।
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