कोई पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित न रहे: कलेक्टर कन्याल, बैंकों की देरी पर होगी रोज समीक्षा

Thursday, June 4, 2026 - 21:07
Updated: 5 months ago
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कोई पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित न रहे: कलेक्टर कन्याल, बैंकों की देरी पर होगी रोज समीक्षा

गुना (आरएनआई) जिले में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ से कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहें, इसके लिए अब विभाग और बैंक प्रतिदिन समन्वय के साथ काम करेंगे। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य, सहकारिता एवं स्वरोजगार योजनाओं की संयुक्त समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि ऋण स्वीकृति, बैंकिंग प्रक्रिया या अन्य स्तर पर आने वाली बाधाओं का तत्काल निराकरण किया जाए और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ सुनिश्चित किया जाए। 

बैठक में कलेक्टर ने एलडीएम और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिदिन समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि यह लगातार मॉनिटर किया जाए कि योजनाओं में कितने हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं और यदि कहीं ऋण स्वीकृति या अन्य प्रक्रिया में अड़चन है तो उसे तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय ही योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की कुंजी है।

समीक्षा के दौरान पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने टीकाकरण, किसान क्रेडिट कार्ड, कृत्रिम गर्भाधान, आचार्य विद्यासागर योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना और क्षीरधारा ग्रामों की प्रगति की जानकारी दी। विभाग ने बताया कि जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या 84 से बढ़ाकर 132 कर दी गई है, जबकि वर्ष 2025-26 में 52 नई समितियां गठित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 1962 टोल-फ्री नंबर पर संचालित इमरजेंसी वेटरनरी हेल्पलाइन और एनिमल एम्बुलेंस सेवा की जानकारी भी दी गई।

उद्यानिकी विभाग ने गुलाब, थाई पिंक अमरूद सहित आधुनिक बागवानी की उन्नत किस्मों और तकनीकों का प्रस्तुतिकरण किया। इस दौरान कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट परिसर को उद्यानिकी का मॉडल परिसर विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनसुनवाई में विभागीय स्टॉल लगाकर आम नागरिकों को पौधारोपण, बागवानी और संबंधित योजनाओं की जानकारी दी जाए।

कृषि विभाग को खाद एवं उर्वरकों की उपलब्धता पर सतत निगरानी रखने और किसानों को समय पर संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। मत्स्य विभाग ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना एवं मध्यप्रदेश मत्स्य समृद्धि योजना की जानकारी देते हुए बताया कि मछली पालन, तालाब निर्माण, हैचरी, बायोफ्लॉक, कलर फिश यूनिट और मत्स्य विपणन जैसी गतिविधियों पर अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। योजना में सामान्य वर्ग को 40 प्रतिशत तथा महिला एवं अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग को 60 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।

खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने उपार्जन कार्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।साथ ही नापतौल विभाग को नियमित जांच अभियान चलाकर उपकरणों का सत्यापन सुनिश्चित करने तथा उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए सतत निरीक्षण करने को कहा। बैठक में अपर कलेक्‍टर अखिलेश जैन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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