केरल विधानसभा में तबादलों पर घमासान, विपक्ष का वॉकआउट; पूर्व मुख्यमंत्री विजयन ने लगाए राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप
केरल विधानसभा में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर बुधवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan ने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बाद राजनीतिक बदले की भावना से तबादले किए जा रहे हैं और पूरी प्रक्रिया पर सत्ता से जुड़े लोगों तथा बिचौलियों का प्रभाव बढ़ गया है।
सीपीआई(एम) विधायक वी. जॉय ने सदन में दावा किया कि निर्धारित मानकों की अनदेखी कर कर्मचारियों के तबादले किए जा रहे हैं और पसंदीदा लोगों को मनचाही पोस्टिंग दी जा रही है। उनके अनुसार, 33 विभागों में 207 तबादला आदेश जारी किए गए हैं, जिनसे 2,000 से अधिक कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य मंत्री Sunny Joseph ने कहा कि सभी तबादले नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मई महीने में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के कारण विभिन्न विभागों में रिक्तियां पैदा हुई हैं, जिनके चलते तबादले आवश्यक हो गए।
स्पीकर द्वारा इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव खारिज किए जाने के बाद विजयन ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ गठबंधन से जुड़े संगठन तबादला प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार कर्मचारियों, कमजोर वर्गों से जुड़े कर्मियों और सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों को दूरदराज क्षेत्रों में भेजा जा रहा है।
विजयन ने यह भी दावा किया कि कई तबादला आदेशों पर प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने रोक लगाई है और मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। विपक्ष ने तबादलों को रद्द करने की मांग करते हुए सरकार पर प्रशासनिक व्यवस्था को राजनीतिक प्रभाव में चलाने का आरोप लगाया।
सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया, जिसके बाद विधानसभा में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज हो गया।
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