H-1B वीजा पर राहत: प्रवास अवधि बढ़ाने पर अब नहीं देने होंगे 88 लाख रुपये, USCIS ने आदेश में किया स्पष्टीकरण
न्यूयॉर्क (आरएनआई): अमेरिका में रह रहे भारतीय पेशेवरों के लिए राहतभरी खबर है। H-1B वीजा धारकों को प्रवास अवधि बढ़ाने या स्टेटस बदलवाने पर अब 88 लाख रुपये (1 लाख डॉलर) का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) ने सोमवार को जारी दिशा-निर्देश में 19 सितंबर के आदेश से संबंधित छूट को स्पष्ट कर दिया है।
यूएससीआईएस ने कहा है कि यह आदेश उन एच-1बी वीजा धारकों पर लागू नहीं होगा जिनके वीजा पहले से जारी हो चुके हैं या जिनके आवेदन 21 सितंबर को रात 12:01 बजे से पहले जमा किए गए थे। साथ ही, इस आदेश में किसी मौजूदा एच-1बी धारक के अमेरिका आने-जाने पर कोई रोक नहीं होगी।
एजेंसी ने स्पष्ट किया कि 21 सितंबर के बाद किए गए वे आवेदन, जिनमें आवेदक ने अपने स्टेटस में बदलाव या प्रवास अवधि बढ़ाने की मांग की है, उन पर भी यह शुल्क लागू नहीं होगा, जब तक वे नियमों के तहत पात्र हैं।
अगर कोई व्यक्ति अमेरिका में किसी अन्य वीजा (जैसे F-1 छात्र वीजा या L-1 कंपनी ट्रांसफर वीजा) के तहत प्रवेश करता है और बाद में वहीं रहते हुए H-1B वीजा में परिवर्तन करता है, तो उसे भी यह भारी शुल्क नहीं देना होगा।
भारतीय पेशेवरों पर बड़ा असर टल गया
एच-1बी वीजा के लिए 1 लाख डॉलर का शुल्क प्रस्तावित होने से भारतीय पेशेवरों पर सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका थी, क्योंकि हाल के वर्षों में कुल एच-1बी आवेदकों में 71% भारतीय नागरिक हैं। अमेरिका में काम कर रहे हजारों तकनीकी और आईटी विशेषज्ञ इस राहत से लाभान्वित होंगे।
मुकदमे के बाद बदला रुख
यह स्पष्टीकरण उस मुकदमे के बाद आया है जो अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स ने ट्रंप प्रशासन के आदेश के खिलाफ दायर किया था। मुकदमे में कहा गया कि यह आदेश राष्ट्रपति के वैध अधिकारों का अतिक्रमण है। यह केस कोलंबिया की कोर्ट में 16 अक्तूबर को दायर किया गया था।
यूएससीआईएस ने कहा कि एजेंसी का उद्देश्य नियमों को पारदर्शी रखना और वैध वीजा धारकों पर अनुचित आर्थिक बोझ से बचाव करना है।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



