‘सोशल मीडिया चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा’ — सीजेआई पर जूता उछालने की घटना पर एससीबीए अध्यक्ष विकास सिंह का बयान
नई दिल्ली (आरएनआई) मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। एससीबीए अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि इस घटना को “सोशल मीडिया ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है” और जिसने यह हरकत की, उसका उद्देश्य “सिर्फ प्रचार पाना” था।
विकास सिंह ने कहा, “इस वकील ने प्रचार पाने के लिए यह सब किया है। मैं मीडिया और सोशल मीडिया से अनुरोध करता हूं कि ऐसे व्यक्ति को प्रचार न दें, क्योंकि उसका पूरा मकसद ही सुर्खियों में आना है।” उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य न्यायाधीश का बयान गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे गलतफहमी फैली।
एससीबीए अध्यक्ष ने बताया कि विवाद की जड़ एक जनहित याचिका थी, जिसमें एक व्यक्ति ने एक खंडित हिंदू देवता की मूर्ति पुनर्निर्माण की मांग की थी। सीजेआई गवई ने यह कहते हुए याचिका खारिज की थी कि “यह पुरातात्विक और धार्मिक मामला है, इसलिए प्रशासनिक अधिकारी या एएसआई ही निर्णय ले सकते हैं।” सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया ने इस टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया, जिससे “देवता का अपमान” होने का भ्रम फैलाया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बार एसोसिएशन और बार काउंसिल ऑफ इंडिया इस घटना पर विचार करेंगे और ऐसे अनुचित आचरण के खिलाफ कदम उठाएंगे। “यह सिर्फ अदालत या मुख्य न्यायाधीश पर हमला नहीं, बल्कि संस्था की गरिमा पर चोट है,” उन्होंने कहा।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज़
इस घटना पर राजनीति भी गर्म हो गई है।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा, “यह मुख्य न्यायाधीश पर नहीं, बल्कि भारत के संविधान पर जूता फेंकने की कोशिश थी। सत्ता में बैठे लोग संविधान का पालन नहीं कर रहे और उनके समर्थक इस तरह की हरकतें कर रहे हैं।”
वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे “देश की आत्मा पर हमला” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “सीजेआई बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि न्यायपालिका और संविधान की गरिमा पर हमला है। दलित बेटा मेहनत से सर्वोच्च पद तक पहुंचा, यह कुछ लोगों को स्वीकार नहीं।”
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



