‘ममता दीदी के साथ था, हूं और रहूंगा’ — कुणाल घोष ने नाराज़गी की अटकलों पर लगाई लगाम
कुणाल घोष ने विजयादशमी के मौके पर ममता बनर्जी के प्रति अपनी वफादारी जताई और कहा कि चुनौतियों के बावजूद वह कभी भी तृणमूल कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे।
कोलकाता (आरएनआई) पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल पैदा करने वाले टीएमसी नेता कुणाल घोष ने शनिवार को स्पष्ट किया कि वह पार्टी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति हमेशा वफादार रहेंगे। हाल में उनके फेसबुक पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी थी, जिसमें उन्होंने अंदरूनी असंतोष के संकेत दिए थे।
अपने पोस्ट में कुणाल ने लिखा था कि भले ही कोई बहुत मजबूत और प्रभावशाली व्यक्ति उन्हें नापसंद करे, उन्हें उसकी परवाह नहीं क्योंकि उनका दीदी के साथ गहरा नाता है। कुणाल ने एक तीखे अंदाज में चेतावनी भी दी थी। उन्होंने आगे लिखा था कि यदि हनुमान की तरह मेरी पूंछ में आग लगा दी गई तो मैं लंका में आग लगा दूंगा और आम कार्यकर्ताओं से आग्रह किया था कि वे नेताओं पर नजर रखें।
विजयादशमी के अवसर पर सीएम ममता बनर्जी के पत्र मिलने के बाद उन्होंने अपना रुख स्पष्ट किया। पत्र की तस्वीर साझा करते हुए घोष ने कहा कि 1987 से उनका दीदी के साथ जुड़ाव रहा है और इस लंबी यात्रा में उन्हें हमेशा उनका आशीर्वाद और स्नेह मिला। कठिन समय भी आया, लेकिन उन्होंने कभी पार्टी छोड़ने का विचार नहीं किया।
पूर्व राज्यसभा सांसद कुणाल घोष ने कहा अब मैं टीम का हिस्सा बनकर काम करना चाहता हूं। परिणाम तुरंत स्पष्ट नहीं होगा, लेकिन मैं गर्व के साथ आगे बढ़ूंगा। चाहे आप मेरे साथ मैदान में हों, दर्शक दीर्घा में हों या टीवी पर देख रहे हों मेरे साथ रहें, यह रोमांचक मैच होगा।
उन्होंने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह कभी भी किसी दूसरी पार्टी में शामिल नहीं होंगे और उन्हें टीएमसी की जीत पर भरोसा है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को उन नेताओं पर ध्यान देना चाहिए जो मुश्किल समय में चुप रहते हैं या गायब हो जाते हैं।
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