पांच दिन तक मूसलधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट, यूपी समेत कई राज्यों में अलर्ट; जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की आशंका
मौसम विभाग ने राजस्थान, यूपी समेत पांच राज्यों में अगले पांच दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर के 5 जिलों में बादल फटने का खतरा है। बारिश और भूस्खलन जैसी परेशानी के कारण हिमाचल में 252 सड़कें बंद हैं।
नई दिल्ली (आरएनआई) पश्चिम विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सोमवार से मौसम में फिर बदलाव आएगा। जम्मू संभाग के पांच जिलों में बादल फटने और भूस्खलन को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। प्रदेश में पहले से ही हो रही बारिश के कारण 252 सड़कें बंद हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। मध्य प्रदेश में सतना और चित्रकूट समेत कई जिलों में भारी बारिश हुई है और सड़कों पर पानी भर गया है। मौसम विभाग ने अगले 4 से 5 दिनों के दौरान देश के मध्य और आसपास के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
जम्मू-कश्मीर के मौसम विज्ञान केंद्र ने पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सांबा, कठुआ, जम्मू, उधमपुर और रियासी में सोमवार से भारी बारिश, बादल फटने और जगह-जगह भूस्खलन की संभावना जताई है। इन जिलों में नदी और नालों के समीप रहने वाले लोगों को अलर्ट किया गया है। यह अलर्ट 72 घंटे तक रहेगा। हालांकि कश्मीर संभाग में खराब मौसम का ज्यादा असर देखने को नहीं मिलेगा। मौसम विज्ञान विभाग ने यहां यलो अलर्ट की चेतावनी दी है। कश्मीर में 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। अमरनाथ गुफा के आसपास बीते 24 घंटे के दौरान हल्की बारिश दर्ज हुई है। इससे यहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान विभाग ने अमरनाथ गुफा के आसपास 7.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इससे यहां रात का तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। प्रदेश के दूसरे इलाकों के मुकाबले यह सबसे कम तापमान है।
धर्मनगरी में वैष्णो देवी की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को मूसलाधार बारिश के चलते शनिवार सुबह राहत मिली। बारिश से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, कम दृश्यता के कारण हेलिकॉप्टर सेवा को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जिससे उन श्रद्धालुओं को थोड़ी असुविधा हुई जो हवाई मार्ग से भवन तक की यात्रा करने वाले थे। हालांकि मौसम की चुनौती के बावजूद बैटरी कार सेवा और भवन से भैरव घाटी के लिए रोपवे सेवा सामान्य रूप से जारी रही।
आईएमडी के अनुसार, शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज हुई। पूर्वोत्तर के राज्य असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, गुजरात, केरल, माहे में भी जमकर मेघ बरसे। वहीं, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में भारी गर्मी और उमस महसूस की गई।
हिमाचल प्रदेश में मानसून और तेज हो गया है। मौसम विभाग ने 18 जुलाई तक राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के कारण राज्य भर में सड़क, बिजली और पानी की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। 20 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से, बारिश से जुड़ी घटनाओं में कुल 95 लोगों की जान जा चुकी है, 33 लापता बताए जा रहे हैं और 175 घायल हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश में दो राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कुल 252 सड़कें भूस्खलन और अन्य मौसम संबंधी समस्याओं के कारण बंद हैं। इसके अतिरिक्त, 327 बिजली ट्रांसफार्मर और 787 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी बाधित हुई हैं। राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित जिलों को सड़कें बहाल करने के लिए 2-2 करोड़ रुपये जारी किए हैं। लाहौल की ऊंची चोटियों में करीब डेढ़ माह बाद शनिवार को बर्फबारी हुई है। रोहतांग दर्रा के साथ कुंजुम और बारालाचा सहित ऊंची चोटियां बर्फबारी से सफेद हो गई हैं। हमीरपुर जिले की दिम्मी पंचायत के तहत गांव दसमल की महिला की पीपल के पेड़ के नीचे दबने से मौत हो गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 5 दिनों के लिए मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले 7 दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और मैदानी इलाकों के कुछ हिस्सों में गरज और बिजली के साथ मध्यम वर्षा होने की संभावना है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तरी गुजरात में अगले तीन दिन भारी बारिश होगी। उत्तराखंड में 13 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।
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