श्रीकृष्ण बलराम मंदिर में धूमधाम से संपन्न हुआ श्रीपाद रूप गोस्वामी का तिरोभाव महोत्सव
(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)
वृन्दावन (आरएनआई) सेवाकुंज गली स्थित श्रीकृष्ण बलराम मंदिर में श्रावण मास के अवसर पर चल रहे झूलन महोत्सव के अंतर्गत गौडीय सम्प्रदाय की बहुमूल्य विभूति रूप गोस्वामी महाराज का तिरोभाव महोत्सव अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ।सर्वप्रथम श्रीपाद रूप गोस्वामी महाराज के चित्रपट का वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य पूजन-अर्चन किया गया।तत्पश्चात संत-विद्वत सम्मेलन का आयोजन हुआ।जिसकी अध्यक्षता करते हुए चतु:सम्प्रदाय के श्रीमहंत फूलडोल बिहारीदास महाराज ने कहा कि श्रीपाद रूप गोस्वामी महाराज गौडीय सम्प्रदाय के संवर्धक व उन्नायक थे।उन्होंने ब्रजभूमि में साधमरत रहकर 17 ग्रंथों की रचना की।जिनमें उज्ज्वल नीलमणि,भक्ति रसामृत सिंधु,विदग्ध माधव नाटक, ललित माधव नाटक, हंसदूत व उद्धव संदेश आदि प्रमुख हैं।
श्रीकृष्ण बलराम मंदिर के सेवायत भक्ति वेदांत स्वामी मधुसूदन महाराज ने कहा कि श्रीपाद रूप गोस्वामी महाराज गौडीय सम्प्रदाय के षट गोस्वामियों में सर्वप्रमुख थे।कलयुग पावनावतार चैतन्य महाप्रभु से प्रेरित होकर उन्होंने अपना मंत्री पद का त्याग कर अपना समूचा जीवन ब्रज में रह कर श्रीकृष्ण भक्ति में समर्पित कर दिया।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी व पंडित बिहारी लाल वशिष्ठ ने कहा कि श्रीपाद रूप गोस्वामी ने असंख्य व्यक्तियों का कल्याण कर उन्हें ब्रज की विशुद्ध प्रेमा भक्ति व रागानुगा भक्ति की ओर प्रेरित कर सन्मार्ग पर चलना सिखाया।
भक्ति वेदांत दामोदर महाराज व भक्ति वेदांत गोपानंद वन महाराज ने कहा कि श्रील रूप गोस्वामी महाराज ने श्रीधाम वृन्दावन के भक्तिमय स्वरूप को उजागर किया।साथ ही भक्तों के कल्याणार्थ ठा. श्रीगोविन्द देव भगवान का दिव्य विग्रह प्रगट किया।जिसके लिए समस्त सनातन धर्मावलंबी उनके सदैव आभारी रहेंगे।
तिरोभाव महोत्सव में भक्ति वेदांत साधु महाराज, ध्रुव कुमार गोस्वामी, सन्त रामदास महाराज, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा, आचार्य ईश्वर चंद्र रावत, प्रेम प्रदीप दास, राधा नाथ दास, भोलेश्वर उपमन्यु आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।संचालन व धन्यवाद ज्ञापन भक्ति वेदांत मधुसूदन महाराज ने किया।इससे पूर्व संगीताचार्य दामोदर महाराज ने झूलन के पदों का संगीत की मृदुल स्वर लहरियों के मध्य गायन किया।
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