धर्मस्थल मामले में एसआईटी की बड़ी कार्रवाई: कार्यकर्ता थिमारोडी के घर छापे, चिन्नैया को पनाह देने का आरोप
कर्नाटक पुलिस ने गवाह संरक्षण अधिनियम के तहत पहले चिन्नैया को सुरक्षा दी थी, लेकिन जब उसके दावे झूठे पाए गए तो भ्रामक जानकारी देने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
बेंगलुरु (आरएनआई) कर्नाटक के धर्मस्थल में शवों को कथित तौर पर दफनाने की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को कार्यकर्ता महेश शेट्टी थिमारोडी के उजीरे स्थित आवास पर छापेमारी की। थिमारोडी ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी. एल. संतोष के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में थिमारोडी को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं।
मंगलवार को तलाशी के दौरान एसआईटी अधिकारियों के साथ धर्मस्थल मामले का मुख्य आरोपी सी. एन. चिन्नैया भी मौजूद रहा। एसआईटी अधिकारियों के बताया कि थिमारोडी ने पिछले दो महीनों से चिन्नैया को अपने घर में पनाह दी हुई थी। एसआईटी तलाशी अदालत से जारी वारंट लेकर छापेमारी करने पहुंची थी। अधिकारियों ने बताया कि जांच के तहत धर्मस्थल मामले में सबूत इकट्ठा किए जा रहे है।
चिन्नैया नामक व्यक्ति ने धर्मस्थल में यौन उत्पीड़न की कथित तौर पर शिकार महिलाओं सहित कई शवों को दफनाने का दावा किया था। चिन्नैया के दावे के बाद विवाद खड़ा हो गया था। हालांकि जांच में उसके दावे झूठे पाए गए। पुलिस ने बताया कि चिन्नैया ने जहां-जहां बताया, वहां खुदाई में ऐसा कुछ भी नहीं मिला, जो चिन्नैया के दावों की पुष्टि करता हो। कर्नाटक पुलिस ने गवाह संरक्षण अधिनियम के तहत पहले चिन्नैया को सुरक्षा दी थी, लेकिन जब उसके दावे झूठे पाए गए तो भ्रामक जानकारी देने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
धर्मस्थल मामले में मंदिर के प्रशासकों पर भी आरोप लगे। जिस पर भाजपा ने मंदिर को निशाना बनाए जाने का विरोध किया। उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने भी शिकायत झूठी होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। धर्मस्थल मंदिर के संरक्षक वीरेंद्र हेगड़े ने भी इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठन का स्वागत किया है।
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