अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति का दावा, तेल प्रतिबंधों में राहत और 12 अरब डॉलर की संपत्तियां जारी करने पर सहमति
तेहरान/वॉशिंगटन। (आरएनआई) अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच दोनों देशों के बीच वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति होने का दावा किया गया है। ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा है कि स्विट्जरलैंड में आयोजित तकनीकी स्तर की बातचीत सफलतापूर्वक संपन्न हुई है और अंतिम समझौते की दिशा में सकारात्मक कदम बढ़ाए गए हैं।
ईरान की तकनीकी वार्ता टीम के प्रमुख काजेम गरीबाबादी के अनुसार, बातचीत के बाद चार कार्य समूह गठित किए गए हैं, जो विभिन्न मुद्दों पर काम करेंगे। इनमें ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत, परमाणु कार्यक्रम से जुड़े विषय, देश के पुनर्निर्माण एवं आर्थिक विकास की योजनाएं तथा दोनों पक्षों द्वारा समझौते के पालन की निगरानी शामिल है।
गरीबाबादी ने बताया कि आगामी दौर की वार्ता एक उच्चस्तरीय समिति की निगरानी में होगी। इस समिति में ईरान की संसद के अध्यक्ष, ईरान के विदेश मंत्री, अमेरिका के उपराष्ट्रपति तथा पाकिस्तान और कतर के प्रधानमंत्री शामिल होंगे।
इस बीच ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने दावा किया है कि अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान की करीब 12 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्तियों को जारी करने पर सहमति बन गई है। वहीं अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में 21 अगस्त तक के लिए राहत देने की घोषणा की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण की अनुमति देने पर सहमत होगा और जारी की गई ईरानी संपत्तियों का उपयोग अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद के लिए किया जाएगा। हालांकि ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेमती ने इस दावे को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि तेहरान पर अमेरिका से कृषि उत्पाद खरीदने की कोई बाध्यता नहीं होगी।
उधर, पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। लेबनान में संघर्षविराम लागू होने के बावजूद संभावित नए टकराव की आशंका के चलते बड़ी संख्या में विस्थापित लोग अब भी अपने घरों को लौटने से बच रहे हैं।
वहीं गाजा में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। फलस्तीनी समाचार एजेंसी वफा के अनुसार, अक्टूबर 2023 से जारी इस्राइली सैन्य अभियानों में अब तक 73,035 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,73,368 लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद गाजा में हमले जारी रहे, जिनमें अब तक 1,005 फलस्तीनियों की जान जा चुकी है।
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी कूटनीतिक प्रयासों के बीच अमेरिका-ईरान वार्ता को पश्चिम एशिया में स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, हालांकि अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए अभी कई दौर की बातचीत बाकी है।
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