बमोरी बुजुर्ग में वनरक्षक पर अभद्रता के आरोप, ग्रामीण आज वन मंडल अधिकारी से करेंगे शिकायत

Jun 24, 2026 - 12:01
Jun 24, 2026 - 12:03
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बमोरी बुजुर्ग में वनरक्षक पर अभद्रता के आरोप, ग्रामीण आज वन मंडल अधिकारी से करेंगे शिकायत

गुना। (आरएनआई) जिले के दक्षिण वन परिक्षेत्र की गादेर सब रेंज अंतर्गत ग्राम बमोरी बुजुर्ग में स्थित हनुमान मंदिर और शिव परिवार स्थल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने वनरक्षक मानवेंद्र सिंह पर महिलाओं एवं भक्तों के साथ अभद्र व्यवहार करने तथा धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और बुधवार को वन मंडल अधिकारी को शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

ग्रामीणों के अनुसार वन क्षेत्र के एक कंपार्टमेंट में पिछले 8 से 10 वर्षों से हनुमान जी की मूर्ति स्थापित है, जहां आसपास के गांवों के लोग नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि वर्षों पहले यहां हनुमान जी की एक मूर्ति पड़ी हुई थी, जिसे ग्रामीणों ने व्यवस्थित रूप से स्थापित कर पूजा शुरू की थी। बाद में यहां शिव परिवार की भी स्थापना की गई और तब से प्रत्येक शनिवार एवं मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा के लिए पहुंचते हैं।

श्रद्धालुओं का आरोप है कि मंगलवार को पूजा के दौरान वनरक्षक मानवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद महिलाओं तथा भक्तों से तीखी बहस करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। ग्रामीणों का दावा है कि वनरक्षक ने धार्मिक प्रतीकों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। विरोध किए जाने पर उन्होंने वहां मौजूद लोगों के फोटो भी खींचे।

बताया जा रहा है कि बारिश के मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं ने हनुमान जी एवं शिव परिवार की प्रतिमाओं को वर्षा से बचाने के लिए अस्थायी छाया की व्यवस्था की थी। इसी को लेकर वनरक्षक ने आपत्ति जताई और कथित रूप से पूछा कि जंगल में लकड़ी किसने काटी तथा यह निर्माण किसकी अनुमति से किया गया। श्रद्धालुओं का कहना है कि वे केवल पूजा-अर्चना के लिए वहां आते हैं और उन्हें किसी निर्माण या लकड़ी कटाई की जानकारी नहीं है।

मामले के बीच ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि वन क्षेत्र में अवैध कटाई या अतिक्रमण हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन जैसे ही अस्थायी छाया की व्यवस्था दिखाई दी, विभाग सक्रिय हो गया।

सूत्रों के अनुसार घटना के बाद वन विभाग द्वारा मंदिर स्थल की ओर जाने वाले मार्ग को जेसीबी मशीन से बंद किए जाने की भी चर्चा है। इससे श्रद्धालुओं में नाराजगी और बढ़ गई है। हालांकि इस संबंध में वन विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।

अब ग्रामीण एवं श्रद्धालु वन मंडल अधिकारी को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा संबंधित वनरक्षक के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं। मामले में प्रशासन और वन विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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