अमेरिका-ईरान समझौते पर मोजतबा खामेनेई की पहली प्रतिक्रिया, परमाणु ठिकानों की जांच को लेकर बड़ा दावा
अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। सरकारी मीडिया में प्रसारित एक बयान में उन्होंने अमेरिका के साथ प्रत्यक्ष वार्ता का समर्थन करते हुए कहा कि भविष्य में आमने-सामने की बातचीत का अर्थ यह नहीं है कि ईरान अपने विरोधी पक्ष की सभी शर्तें स्वीकार कर लेगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। लंबे समय से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए खामेनेई के बारे में अटकलें लगाई जा रही थीं कि संघर्ष की शुरुआत में हुए एक हमले में वे घायल हो गए थे। इस बीच, अमेरिकी सेना ने ईरानी नौवहन पर लागू नाकाबंदी हटाने की घोषणा भी की है।
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के विशेष दूत Steve Witkoff ने अमेरिकी सांसदों के साथ एक बंद कमरे में हुई बैठक में दावा किया कि ईरान जल्द ही संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था International Atomic Energy Agency को अपने परमाणु ठिकानों के निरीक्षण की अनुमति देगा। उनके अनुसार, ईरान संवर्धित परमाणु सामग्री के भंडारण स्थलों की पहचान और निगरानी की भी इजाजत देगा।
कांग्रेस सदस्यों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी समितियों के साथ हुई इस बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि अमेरिका-ईरान समझौते में कोई अतिरिक्त गोपनीय प्रावधान शामिल नहीं है। हालांकि, ईरान और आईएईए के बीच निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था को लेकर एक अलग पत्र तैयार किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान वास्तव में अपने परमाणु ठिकानों के निरीक्षण की अनुमति देता है, तो यह दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है और क्षेत्रीय स्थिरता को भी मजबूती मिल सकती है।
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