अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता टली, लेबनान में युद्धविराम को लेकर ईरान ने रखी शर्त
अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते के बाद शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाली महत्वपूर्ण वार्ता फिलहाल टल गई है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों को समझौते के अगले चरण और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए आमने-सामने बैठना था, लेकिन अंतिम समय में बैठक स्थगित कर दी गई। इससे क्षेत्र में स्थायी शांति की संभावनाओं पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance का स्विट्जरलैंड दौरा फिलहाल रद्द कर दिया गया है। उन्हें समझौता ज्ञापन (MoU) से जुड़ी औपचारिक प्रक्रिया और आगे की तकनीकी वार्ताओं की शुरुआत के लिए वहां जाना था। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि अगले चरण की बातचीत की व्यवस्थाएं अभी पूरी तरह अंतिम रूप नहीं ले सकी हैं।
उधर, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने दावा किया है कि लेबनान में पूर्ण युद्धविराम लागू होने तक अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित बैठक आगे नहीं बढ़ेगी। ईरान का मानना है कि हालिया समझौते के तहत लेबनान समेत विभिन्न मोर्चों पर संघर्ष विराम लागू होना चाहिए, लेकिन Israel द्वारा लेबनान से पीछे हटने से इनकार किए जाने के कारण स्थिति जटिल बनी हुई है।
दोनों देशों के बीच हुए समझौते में अगले 60 दिनों के भीतर परमाणु मुद्दों पर व्यापक वार्ता कर एक बड़ी और स्थायी डील की दिशा में आगे बढ़ने का लक्ष्य तय किया गया था। हालांकि वार्ता शुरू होने से पहले ही उत्पन्न इस गतिरोध ने प्रक्रिया की गति को धीमा कर दिया है।
अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए तैयार है और जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, तकनीकी स्तर की वार्ताएं शुरू कर दी जाएंगी। वहीं, ईरान की ओर से संकेत मिले हैं कि क्षेत्रीय सुरक्षा और विशेष रूप से लेबनान की स्थिति को नजरअंदाज कर आगे बढ़ना संभव नहीं होगा।
विश्लेषकों का मानना है कि परमाणु समझौते की सफलता अब केवल अमेरिका और ईरान के द्विपक्षीय संबंधों पर निर्भर नहीं है, बल्कि लेबनान और व्यापक पश्चिम एशियाई सुरक्षा परिदृश्य से भी गहराई से जुड़ गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में कूटनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
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