अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ग्रीन कार्ड धारकों की बढ़ीं मुश्किलें, अपराध पर निर्वासन का रास्ता हुआ आसान

Jun 24, 2026 - 12:30
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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ग्रीन कार्ड धारकों की बढ़ीं मुश्किलें, अपराध पर निर्वासन का रास्ता हुआ आसान

वॉशिंगटन। (आरएनआई) अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि नैतिक पतन (Moral Turpitude) से जुड़े अपराधों में दोषी पाए जाने वाले ग्रीन कार्ड धारकों को देश से निर्वासित किया जा सकता है। इस निर्णय के बाद अमेरिका में स्थायी निवास का अधिकार रखने वाले लाखों ग्रीन कार्ड धारकों के बीच चिंता बढ़ गई है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के अनुसार, आव्रजन अधिकारियों को ऐसे मामलों में कार्रवाई के लिए पहले की तुलना में अधिक अधिकार मिलेंगे। अदालत ने कहा कि अमेरिकी आव्रजन एवं राष्ट्रीयता अधिनियम (Immigration and Nationality Act) में हर मामले में अतिरिक्त या विशेष प्रकार के साक्ष्य की अनिवार्यता का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। ऐसे में यदि अधिकारियों को यह प्रतीत होता है कि संबंधित व्यक्ति नैतिक पतन से जुड़े अपराध में शामिल रहा है, तो उसके खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

मामला चीनी नागरिक मुक चोइ लाउ से जुड़ा था, जो अमेरिका में ग्रीन कार्ड के आधार पर स्थायी रूप से रह रहा था। वर्ष 2012 में चीन से लौटने के दौरान न्यूयॉर्क के जॉन एफ. कैनेडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उसे प्रवेश से रोक दिया गया था। बाद में उसे सशर्त प्रवेश दिया गया, लेकिन जाली नोट और ट्रेडमार्क जालसाजी से जुड़े आरोपों को स्वीकार करने के बाद उसके खिलाफ निर्वासन की कार्रवाई शुरू हुई।

लाउ ने अदालत में दलील दी कि उसका अपराध ‘नैतिक पतन’ की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए उसे निर्वासित नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के बहुमत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया।

हालांकि इस फैसले पर अदालत के भीतर मतभेद भी देखने को मिले। न्यायाधीश केतनजी ब्राउन जैक्सन सहित कुछ न्यायाधीशों ने असहमति जताते हुए कहा कि इस निर्णय से सरकार को अत्यधिक विवेकाधिकार मिल सकता है, जिसके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में ग्रीन कार्ड धारकों से जुड़े आव्रजन मामलों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। अब ऐसे लोगों के लिए कानूनी जोखिम बढ़ सकते हैं, जो किसी भी प्रकार के गंभीर वित्तीय, धोखाधड़ी या नैतिक पतन से जुड़े अपराधों में संलिप्त पाए जाते हैं।

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