पासपोर्ट सेवाओं में रिकॉर्ड विस्तार, 2025 में 1.5 करोड़ से अधिक सेवाएं; विदेश यात्रा हुई और आसान
नई दिल्ली। भारत में पासपोर्ट सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है और नागरिकों को पहले की तुलना में अधिक तेज, सरल और सुविधाजनक सुविधाएं मिल रही हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2025 में देशभर में 1.5 करोड़ से अधिक पासपोर्ट और संबंधित सेवाएं प्रदान की गईं, जिनमें 1.39 करोड़ पासपोर्ट जारी किए गए।
विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पुलिस सत्यापन प्रक्रिया को छोड़कर पासपोर्ट जारी करने में अब औसतन केवल छह कार्य दिवस का समय लग रहा है। वहीं, पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) और पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) में आवेदकों का औसत प्रतीक्षा और प्रक्रिया समय 45 मिनट से भी कम रह गया है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
पिछले एक दशक में देश के पासपोर्ट सेवा नेटवर्क में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्ष 2015 के आसपास जहां देश में केवल 77 पासपोर्ट केंद्र संचालित थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 545 हो गई है। मंत्रालय के अनुसार, पिछले वर्ष 10 नए पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले गए थे और इस वर्ष भी 10 नए केंद्र शुरू किए जाने की योजना है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
विदेश यात्रा के क्षेत्र में भी भारतीय पासपोर्ट की पहुंच मजबूत हुई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारतीय नागरिकों को अब 27 देशों में वीजा-फ्री प्रवेश की सुविधा प्राप्त है, जबकि वर्ष 2019 में यह संख्या 16 थी। इसके अलावा 47 देश भारतीय यात्रियों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा देते हैं और 66 देशों में भारतीय नागरिक ई-वीजा के माध्यम से यात्रा कर सकते हैं।
मंत्रालय का कहना है कि पासपोर्ट सेवाओं के डिजिटलीकरण, बुनियादी ढांचे के विस्तार और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के प्रयासों से नागरिकों को तेज और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। इससे न केवल पासपोर्ट प्राप्त करना आसान हुआ है, बल्कि भारतीयों के लिए वैश्विक यात्रा और अंतरराष्ट्रीय संपर्क के अवसर भी बढ़े हैं।
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