मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा में अमर शहिद खुदीराम बोस का शहीद दिवस मना, जगमा उठा जेल...
मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर के सेंट्रल जेल में शहीद खुदीराम बोस के शहीद दिवस पर आयोजित विशेष कार्यक्रम ने उनकी शहादत को याद करने और श्रद्धांजलि अर्पित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। इस अवसर पर जेल को सजाने के लिए रंग-बिरंगे बल्बों और फूलों का प्रयोग किया गया, जो वातावरण को श्रद्धांजलि एवं सम्मान का प्रतीक बना.
सुबह 3:50 बजे फांसी स्थल पर पुष्प अर्पण किया गया। इस दौरान शहीद खुदीराम बोस द्वारा फांसी के समय गाया गया प्रसिद्ध गीत "एक बार विदाई दे मां घुरे आसी... हांसी हांसी परबो फांसी देखवे जोगोत वासी" गाकर माहौल को गमगीन कर दिया गया.
कार्यक्रम में विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने इसे और भी गरिमामयी बना दिया. प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम सुब्रत कुमार सेन, एसएसपी सुशील कुमार, जेल अधीक्षक यूसुफ रिजवान सहित अन्य अधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए.
खुदीराम बोस की शहादत की कहानी भारत के स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण कड़ी है, और उन्हें 11 अगस्त 1908 को फांसी दी गई थी. इस मौके पर उनके जीवन, संघर्ष, और बलिदान की चर्चा की गई, जो युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का कार्य करेगी। ऐसे कार्यक्रम शहीदों के प्रति हमारी सम्मान और श्रद्धा को दर्शाते है.
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