हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान शुरू, सीएम नायब सिंह सैनी ने डाला वोट
चंडीगढ़ (आरएनआई)। हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान सोमवार सुबह नौ बजे से शुरू हो गया। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने सबसे पहले मतदान केंद्र पहुंचकर अपना वोट डाला। इस चुनाव को सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है, क्योंकि परिणाम राज्य की मौजूदा राजनीतिक ताकत का संकेत देगा।
इन दोनों सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार Sanjay Bhatia, कांग्रेस के Karmveer Bauddh और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार Satish Nandal मैदान में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि दूसरा मुकाबला कर्मवीर बौद्ध और सतीश नांदल के बीच कड़ा माना जा रहा है। कांग्रेस के पास यदि उसके सभी 37 विधायक एकजुट होकर वोट करते हैं तो कर्मवीर बौद्ध की जीत संभव है, लेकिन क्रॉस वोटिंग की स्थिति में समीकरण बदल सकते हैं।
चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति बनाई थी। पार्टी के 31 विधायक हिमाचल प्रदेश के कसौली से चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए और मतदान से पहले नेता प्रतिपक्ष Bhupinder Singh Hooda के सेक्टर-7 स्थित निवास पर एकत्रित हुए। उनके साथ पार्टी प्रभारी B. K. Hariprasad, प्रदेश अध्यक्ष Rao Narender Singh और सांसद Deepender Singh Hooda भी मौजूद रहे। यहां से सभी विधायक सामूहिक रूप से मतदान के लिए पहुंचे।
मतदान केंद्र पर कांग्रेस की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक भूपेंद्र सिंह हुड्डा और बी.के. हरिप्रसाद विधायकों के मतपत्रों की निगरानी कर रहे हैं। कांग्रेस के कुल 37 विधायक हैं, जिनमें से छह विधायक निजी कारणों से हिमाचल नहीं गए थे, लेकिन वे भी मतदान प्रक्रिया में शामिल होने वाले हैं।
यह चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। भाजपा पहले से ही दोनों सीटों पर काबिज रही है और इस बार भी अपनी रणनीति के दम पर दोनों सीटें बरकरार रखने की कोशिश कर रही है। पार्टी के लिए यह संदेश देना भी अहम है कि विधानसभा चुनाव के बाद भी उसकी राजनीतिक पकड़ मजबूत बनी हुई है।
दूसरी ओर कांग्रेस के लिए यह चुनाव अपने विधायकों की एकजुटता और संगठनात्मक ताकत दिखाने का मौका माना जा रहा है। यदि कर्मवीर बौद्ध जीतते हैं तो यह संदेश जाएगा कि कांग्रेस विधायकों पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पकड़ मजबूत है। वहीं यदि परिणाम विपरीत आते हैं तो पार्टी के अंदर और विपक्ष में हुड्डा के नेतृत्व को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
इस चुनाव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के लिए भी पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। दोनों सीटों पर जीत मिलने की स्थिति में उनकी राजनीतिक रणनीति और नेतृत्व क्षमता को मजबूत माना जाएगा और पार्टी नेतृत्व के सामने उनका कद भी बढ़ सकता है।
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, इनेलो के 2 और 3 निर्दलीय विधायक शामिल हैं। ऐसे में दूसरे सीट का परिणाम काफी हद तक क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक रणनीति पर निर्भर माना जा रहा है।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



