सरस्वती पूजा को लेकर मुजफ्फरपुर प्रशासन अलर्ट, डीजे पर रहेगा प्रतिबंध

Friday, January 16, 2026 - 19:53
Updated: 8 months ago
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सरस्वती पूजा को लेकर मुजफ्फरपुर प्रशासन अलर्ट, डीजे पर रहेगा प्रतिबंध

मुजफ्फरपुर (आरएनआई) सरस्वती पूजा के अवसर पर जिले में शांति, सौहार्द एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. इसी क्रम में जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई.

बैठक का मुख्य उद्देश्य सरस्वती पूजा का शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करना तथा विधि व्यवस्था संधारित रखना है.

थानावार मूर्ति स्थापन की संख्या, जुलूस, मूर्ति विसर्जन, डीजे पर प्रतिबंध, सोशल मीडिया की निगरानी एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना किये ताकि पर्व शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके.

बैठक में जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरस्वती पूजा आस्था और संस्कृति से जुड़ा पर्व है, जिसे आपसी भाईचारे एवं शांति के साथ मनाया जाना चाहिए। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अफवाह या उपद्रव को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और क्षेत्र में सतत निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया.

डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी थानों में रविवार तक थानावार शांति समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित कराई जाए। इन बैठकों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पूजा समिति के सदस्य एवं समाज के प्रबुद्ध लोगों को शामिल कर आवश्यक दिशा-निर्देशों से अवगत कराया जाए। साथ ही प्रत्येक थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थापित होने वाली मूर्तियों की सूची तैयार कर नियमानुसार लाइसेंस निर्गत करने का निर्देश दिया गया.

डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर जिला पदाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। थाना क्षेत्र अंतर्गत सभी डीजे को पूर्व में ही जब्त करने तथा प्रतिबंध संबंधी आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया, ताकि आम नागरिकों को ध्वनि प्रदूषण एवं अव्यवस्था से परेशानी न हो। अश्लील एवं भड़काऊ गानों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

जुलूस एवं मूर्ति विसर्जन को लेकर डीएम ने कहा कि सभी जुलूस निर्धारित रूट लाइन से ही निकलेंगे। थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि जुलूस के मार्ग का पूर्व सत्यापन करें तथा जुलूस के साथ पर्याप्त पुलिस बल की एस्कॉर्ट व्यवस्था सुनिश्चित करें। मूर्ति विसर्जन केवल चिन्हित एवं कृत्रिम तालाबों में ही कराया जाएगा। किसी भी नदी, पोखर या असुरक्षित स्थान पर विसर्जन की अनुमति नहीं होगी.

आपदा प्रबंधन को लेकर अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि विसर्जन स्थलों पर नाव, गोताखोर तथा एसडीआरएफ टीम की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके.

सोशल मीडिया की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अफवाह फैलाने वाले, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले अथवा शांति एवं सद्भाव भंग करने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। साइबर सेल एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सोशल मीडिया की लगातार मॉनिटरिंग करें। अफवाह फैलाने वालों एवं उपद्रवी तत्वों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीएम ने निर्देश दिया कि बड़े-बड़े पूजा पंडालों में अग्निशमन यंत्र, एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की समुचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। अग्निशमन विभाग को भी अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया.

सरस्वती पूजा के अवसर पर लगने वाले मेला, झूला, मौत का कुआं आदि मनोरंजन के साधनों को लेकर जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोपरि है। ऐसे किसी भी आयोजन से पूर्व अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना तथा अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के मेला या झूला लगाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर आम जनता से संवाद बनाए रखें और पर्व को शांतिपूर्ण संपन्न कराने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सभी नागरिकों की सुरक्षा, सुविधा और शांति सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की सूचना या अफवाह पर ध्यान न देकर प्रशासन को सहयोग करें, ताकि सरस्वती पूजा का पर्व सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जा सके.

बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा सभी थानाध्यक्ष उपस्थित रहे.

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