लोकसभा संचालन को लेकर स्पीकर ओम बिरला ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, विपक्षी दलों की भी रही भागीदारी
21 जुलाई से शुरू हुआ मानसून सत्र लगातार हंगामे के चलते एक भी दिन सुचारु रूप पर नहीं चल सका है। शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक बुलाई।
नई दिल्ली (आरएनआई) मानसून सत्र में विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और विरोध के बीच निचले सदन की कार्यवाही शुक्रवार को भी स्थगित कर दी गई। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सर्वदलीय बैठक बुलाई और सदस्यों से सदन को सुचारू रूप से चलने देने का आग्रह किया। बैठक के दौरान ऑपरेशन सिंदूर पर एक सत्र आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। संसद में प्रस्तावित 16 घंटे की चर्चा 28 जुलाई को निर्धारित है। इससे पहले आज सुबह राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। उच्च सदन की बैठक अब सोमवार सुबह 11 बजे होगी, जबकि लोकसभा दोपहर 2 बजे फिर से शुरू होगी।
बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद में प्रश्नकाल, चर्चा और संवाद को जारी रखने की अपील की और कहा कि सभी सांसदों को संसदीय मर्यादा का पालन करते हुए जनहित के मुद्दों पर बहस करनी चाहिए।
विपक्षी सांसद बिहार में चल रही विशेष तीव्र पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर चर्चा की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले की जा रही यह प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व के अधिकार पर हमला है। विपक्ष का कहना है कि इस प्रक्रिया के जरिए लाखों मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटाया जा रहा है, जो संविधान और लोकतंत्र पर जानबूझकर किया गया हमला है।
शुक्रवार को जब विपक्षी सदस्य तख्तियां लिए सदन के वेल में आ गए तो ओम बिरला ने कहा कि विरोध दर्ज करने का एक तरीका होता है। अगर आप संसद नहीं चलाना चाहते हैं... तो सदन की कार्यवाही आज दोपहर 2:00 बजे तक के लिए स्थगित की जाती है।
लोकसभा स्थगित करने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से निचले सदन को सामान्य रूप से चलने देने का आग्रह किया और बैनरों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह "गतिरोध" ठीक नहीं है। गतिरोध समाप्त करने के लिए चर्चा होगी। सरकार के प्रतिनिधि भी होंगे... अगर कोई असहमति है, तो उसे सदन के नियमों के अनुसार व्यक्त किया जाना चाहिए ।
इससे पहले दिन में कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने बिहार में 52 लाख मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर किए जाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया था। उन्होंने इसे मोदी सरकार द्वारा चुनाव आयोग का उपयोग कर संविधान और लोकतंत्र पर सुनियोजित हमला बताया। 21 जुलाई को शुरू होने के बाद से संसद की कार्यवाही बार-बार स्थगित हो रही है। कल विपक्ष के हंगामे के बीच संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई थी।
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद भवन के मकर द्वार पर विपक्षी गठबंधन इंडिया के सांसदों के विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। यह विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। इसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने हिस्सा लिया।
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