मोहर्रम की नवीं पर ताजियों के दीदार के लिए उमड़ा सैलाब, देर रात तक उठे सभी ताजिया, कूंड तालाब पर आज होगा मिलाप 

Jul 5, 2025 - 20:00
Jul 5, 2025 - 20:11
 0  216
मोहर्रम की नवीं पर ताजियों के दीदार के लिए उमड़ा सैलाब, देर रात तक उठे सभी ताजिया, कूंड तालाब पर आज होगा मिलाप 

फतेहपुर (आरएनआई) मोहर्रम पर्व की नवीं पर जिले के कोने-कोने से अकीदतमंद ताजियों का दीदार करने के लिए शहर आये। जिससे शहर के अधिकतर मार्ग एवं गलियां लोगों से गुलजार रहीं। शहर के अलग-अलग स्थानों से उठाये गए दर्जन भर ताजियों ने निर्धारित मार्गों पर गश्त किया तत्पश्चात सभी ताजिये कल (आज) अपने इमामबाड़ों पर रख जायेंगे। मोहर्रम की दसवीं पर यह सभी ताजिये पुनः उठेंगे और निर्धारित मार्गों पर भ्रमण करते हुए देर शाम तक सैय्यदवाड़ा मुहल्ला स्थित कूड़ तालाब के निकट होकर मुराइनटोला पुलिस चौकी के निकट इमामबाड़े पर एकत्र होंगे। जहां से सभी ताजिये एक साथ उठकर एक-एक ताजिए को ठण्डा कराते हुए अंत में चांद फकीर का ताजिया ग्यारह मोहर्रम को बारह अपने फाटक में रख दिया जायेगा। पर्व को लेकर लाला बाजार में मेला लगा रहा। घरेलू सामान के साथ-साथ महिलाओं की श्रंृगार संबंधित सामग्री एवं बच्चों के खिलौने तथा खाद्य पदार्थों की दुकानें सजी हुयी हैं। बाहर से आने वाली महिलाओं ने जहां इन दुकानों से खरीददारी की वहीं बच्चों ने मनपसंद खिलौने लिये। खाद्य पदार्थों का स्वाद भी लेते रहे। पूरा दिन भीड़ देखते ही बनी। 

मोहर्रम पर्व दस दिनों तक मनाया जाता है। जो चांद देखने के बाद शुरू हो जाता है। चांद की ग्यारहवीं तारीख को इस पर्व का समापन होता है। हर दिन अलग स्थान से अलग ताजिया उठाये जाते हैं। पांच तारीख से यह पर्व अपने शबाब पर पहुंचने लगता है क्योंकि पांचवी को अलम जुलूस में शहर भर के अलम शामिल होते हैं और छठवीं मोहर्रम को छहः ताजियों का मिलाप होता है। सातवीं को पलंग जुलूस उठता है। आठवीं को सभी ताजिया अपने-अपने इमामबड़े पर रखे होते हैं। गत दिवस आठवीं थी। इमामबाड़ों में पहुंचकर अकीदतमंदों ने फातिहा पढ़ा। ताजियों पर मन्नतें भी मानी जाती है और जिनकी मन्नते पूरी हो जाती है। वह चढ़ावा भी चढ़ाते हैं। चढ़ावा चढ़ाने का सिलसिला यूं तो आठवीं से ही शुरू हो जाता है। लेकिन नवीं को यह सिलसिला देखते ही बनता है क्योंकि नवीं से मुख्य ताजिया उठते हैं। जिसमें चांदू मियां का प्रसिद्ध ताजिया शामिल रहता है। शुक्रवार को नवीं होने के कारण शहर के ही नहीं बल्कि जनपद के कोने-कोने एवं गैर जनपदों से भी अकीदतमंद ताजियों का दीदार करने के लिए आये। बड़ी संख्या मे चढ़ावा चढ़ाने वाले भी शामिल रहे। सुबह से फातिहा पढ़ने एवं चढ़ावा चढ़ाने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह देर रात तक जारी रहा। चांदू मियां का ताजिया सहित सभी ताजिया लगभग अर्द्धरात्रि को उठाये गये। जो अपने कदीमी रास्तों से घूमते हुए भोर के समय मुस्लिम इंटर कालेज पहुुंचेंगे। जहां पर इनका कल (आज) सुबह लगभग नौ बजे मिलाप होगा। ताजियों के भ्रमण का सिलसिला आज भी दिनभर बदस्तूर जारी रहेगा। चांदू मियां को छोड़कर सभी ताजिया देर रात ठंडे कर दिये जाएंगे। चांदू मियां का ताजिया कल ठंडा होगा। छठवीं मोहर्रम से लाला बाजार मे घरेलू सामानों के साथ-साथ बच्चों के खिलौनों की दुकानंे सजी है। साथ ही विभिन्न प्रकार के व्यंजनों की भी दुकाने लगी है। मोहर्रम देखने वाले शहरी एवं बाहरी लोग खरीददारी के साथ-साथ खाद्य पदार्थों का भी आन्नद लेते हैं। लाला बाजार मे छठवीं से शुरू हुआ यह सिलसिला नवीं को उरूज पर रहा। जिले भर से आये लोगों मे महिलाएं और बच्चों की भीड़ यहां देखते ही बनी। सुबह से खरीददारी का जो सिलसिला शुरू हुआ। वह देर रात तक चलता रहा। महिलाएं घरेलू सामान के साथ-साथ श्रृंगार सामग्री खरीदने में व्यस्त दिखीं तो बच्चे खिलौने आदि खरीदते रहे। वहीं लुचई, सब्जी एवं कवाब-समोसा आदि की दुकानों में इन खाद्य पदार्थों का स्वाद लेने वालों की लाइन लगी रही। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतेजाम किये गये हैं। ताजियों के साथ-साथ पुलिस बल चलता रहा। जुलूस का नेतृत्व ताजिया व अलम इंतेजामिया कमेटी के अध्यक्ष चौधरी मोईन राइन, महासचिव वारिस उद्दीन, मीडिया प्रभारी कफील अहमद, इंतेजामकार फरीद खां, इस्माइल वारसी ने किया। 
इनसेट-
शिया समुदाय ने किया आग का मातम 
फतेहपुर। इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम की नवीं पर शिया समुदाय की ओर से लाला बाजार स्थित मस्जिद के समीप मातम का एहतमाम किया गया। शिया समुदाय के युवा व बुजुर्गों ने मिलकर आग के अंगारों पर चलकर इमाम हुसैन को खेराज-ए-अकीदत पेश की या हुसैन की सदाओं से समूचा वातावरण गूंज उठा। मातम देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगांे की भीड़ उमड़ी। आयोजन स्थल के आस-पास पैर रखने की भी जगह नहीं रही। सभी या हुसैन, या हुसैन की सदाएं लगाते रहे। 
इनसेट- 
आज लाला बाजार में होगा छूरी का मातम
फतेहपुर। मोहर्रम की दसवीं (आशूरा) के दिन इमाम हुसैन र.अ. ने अपने 72 साथियों के साथ कुर्बानी पेश की थी। जिनकी याद में मोहर्रम की एक तारीख से दस तारीख तक शिया समुदाय में मातम के साथ-साथ नौहा ख्वानी का सिलसिला चलता है। वहीं सुन्नी समुदाय में शहादतनामा का दौर जारी रहता है। कल (आज) 10 वीं मोहर्रम पर शिया समुदाय के लोग लाला बाजार स्थित मछली मार्केट के समीप छूरी का मातम करेंगे। साथ ही शिया समुदाय के ताजिए व अलम भी उठाए जाएंगे। जो मातम के बाद अपने निर्धारित मार्गों से भ्रमण करते हुए बिंदकी बस स्टाप स्थित कर्बला पहुंचेगे। जहां इमाम हुसैन की याद में नौहा ख्वानी के बीच ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।


Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0