चातुर्मास उपरांत निर्यापक संत योग सागरजी महाराज का ससंघ गुना से हुआ विहार
गुना (आरएनआई) आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज एवं नवाचार्य समय सागरजी महाराज के गृहस्थ जीवन के सगे भाई निर्यापक संत मुनिश्री योग सागरजी महाराज का ससंघ मंगल विहार शनिवार दोपहर को हुआ। मुनिसंघ ने लगभग चार महीन से अधिक समय तक चातुर्मास के दौरान गुना में धर्म प्रभावना की। इस दौरान मुनिसंघ के सानिध्य में इंद्रध्वज महामंडल सहित अनेकों ऐतिहासिक धार्मिक कार्यक्रम हुए। वहीं शहर में जैन स्कूल, आयुवॢद पूर्णायु अस्पताल सहित अन्य सामाजिक प्रकल्पों की स्थापना के लिए भूमि शिलान्यास हुआ। इस अवसर पर दोपहर मुनिसंघ ने पैदल विहार करते हुए शहर की सीमा टोलनाका के पास गौशाला तक पहुंचे। यहां रात्रि विश्राम हुआ। वहीं रविवार की आहारचर्या भी गौशाला पर होगी। समायिक उपरांत मुनिसंघ का विहार रुठियाई की ओर होगा। मुनिसंघ की मंगल विहार की मुख्य दिशा राजस्थान की ओर है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे के साथ मुनिसंघ की विदाई दी।
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