हमले के बाद घबराया ऑस्ट्रेलिया का यहूदी समुदाय, पीएम से सख्त संघीय जांच की मांग
सिडनी (आरएनआई)। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर हुए भीषण गोलीकांड के बाद देश के यहूदी समुदाय में गहरा भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। इस हमले में मारे गए लोगों के परिजनों और यहूदी समुदाय के नेताओं ने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज को एक खुला पत्र लिखकर न केवल इस घटना की संघीय स्तर पर जांच कराने की मांग की है, बल्कि देश में बढ़ रही यहूदी विरोधी भावनाओं की भी व्यापक जांच की अपील की है।
14 दिसंबर को यहूदियों के पवित्र पर्व हनुक्का के दौरान बॉन्डी बीच पर हुई गोलीबारी ने पूरे ऑस्ट्रेलिया को झकझोर कर रख दिया था। इस हमले में 15 लोगों की जान चली गई थी। आरोपियों की पहचान साजिद अकरम और उसके 24 वर्षीय बेटे नवीद अकरम के रूप में हुई थी। हमले के दौरान साजिद की मौत हो गई, जबकि नवीद घायल अवस्था में पकड़ा गया और उस पर 15 हत्याओं के आरोप लगाए गए हैं। इसे पिछले तीन दशकों में ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है।
फिलहाल इस मामले की जांच न्यू साउथ वेल्स राज्य का रॉयल कमीशन कर रहा है, जिसे शक्तिशाली जांच एजेंसी माना जाता है। बावजूद इसके, यहूदी समुदाय और पीड़ित परिवारों का कहना है कि केवल राज्य स्तरीय जांच पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि यह हमला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदाय के खिलाफ बढ़ती नफरत और कट्टरता का संकेत है, जिसे समझने और रोकने के लिए संघीय स्तर पर स्वतंत्र और व्यापक जांच जरूरी है।
खुले पत्र में पीड़ित परिवारों ने कहा है कि इस घटना के बाद यहूदी समुदाय खुद को पहले से कहीं अधिक असुरक्षित महसूस कर रहा है। इस्राइल–हमास युद्ध के बाद ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी घटनाओं और बयानबाजी में इजाफा हुआ है, जिससे समाज में अविश्वास और डर का माहौल बन रहा है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह न केवल अपराधियों को सजा दिलाए, बल्कि नफरत और हिंसा की जड़ों तक पहुंचकर उसे खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए।
यहूदी समुदाय को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री अल्बानीज उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेंगे और देश में सौहार्द और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक संघीय कार्रवाई करेंगे।
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