राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.82 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण, 20 करोड़ से ज्यादा की समझौता धनराशि
हरदोई (आरएनआई) जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कुल 1,82,772 मामलों का निस्तारण किया गया तथा 20,51,51,303 रुपये की समझौता धनराशि तय की गई। यह जानकारी नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत/अपर जिला जज भूपेन्द्र प्रताप ने दी।
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रीता कौशिक ने शनिवार प्रातः 10:30 बजे किया। इस अवसर पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश विशम्भर प्रसाद, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय महेन्द्र नाथ, अपर जिला जज मनमोहन सिंह, प्रेमेंद्र कुमार, कुसुम लता सहित समस्त न्यायिक अधिकारी, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, बैंक एवं बीमा कंपनियों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन स्मिता गोस्वामी ने बताया कि विभिन्न न्यायालयों द्वारा कुल 10,735 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें उत्तराधिकार से जुड़े 6 वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 159 वाद, पारिवारिक मामलों के 52 वाद, स्थाई लोक अदालत के 6 वाद तथा फौजदारी के 3,921 वाद शामिल रहे। वहीं जिला प्रशासन द्वारा आपसी सुलह-समझौते एवं अभिस्वीकृति के आधार पर 6,953 मामलों का निस्तारण किया गया।
मोटर दुर्घटना वादों में पीड़ित पक्षकारों को 34 करोड़ 62 लाख 30 हजार रुपये की प्रतिकर धनराशि दिलाई गई। इसके अतिरिक्त ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा 1,62,143 मामलों का निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान न्यायालय परिसर में विभिन्न बैंकों के विशेष कैम्प लगाए गए, जहां बैंक ऋण से संबंधित 948 वादों का निस्तारण करते हुए 15 करोड़ 14 लाख 5 हजार रुपये की ऋण धनराशि पर समझौता कराया गया। वहीं भारत संचार निगम लिमिटेड द्वारा 5 वादों तथा यातायात निरीक्षक द्वारा 1,988 ई-चालानों का भी निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक एवं बीमा कंपनियों तथा जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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