मध्यप्रदेश में नेताओं-अफसरों के टकराव पर केंद्र सख्त, जनप्रतिनिधियों के सम्मान और प्रोटोकॉल पालन के निर्देश
Bhopal सहित पूरे Madhya Pradesh में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बढ़ते विवादों को लेकर केंद्र सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। केंद्र ने मुख्य सचिव Anurag Jain को पत्र लिखकर साफ कहा है कि सांसदों और विधायकों के साथ व्यवहार तथा प्रोटोकॉल के मामलों में अधिकारियों को संवेदनशील और जवाबदेह बनाया जाए।
केंद्र सरकार ने अपने पत्र में राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि अधिकारियों को उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का स्पष्ट एहसास कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद और व्यवहार मर्यादित एवं सम्मानजनक हो।
पत्र में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि सांसदों और विधायकों द्वारा भेजे गए पत्रों तथा अनुरोधों का समय पर जवाब देना अनिवार्य किया जाए। जवाब देते समय भाषा शालीन और विनम्र हो, ताकि जनप्रतिनिधियों के सम्मान और संस्थागत गरिमा बनी रहे।
केंद्र ने यह भी कहा कि नेताओं और अफसरों के बीच टकराव तथा शिकायतों के मामले लगातार सामने आना अच्छे संकेत नहीं हैं। इससे प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय प्रभावित होता है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए अधिकारियों को प्रोटोकॉल और व्यवहार संबंधी प्रशिक्षण देने की भी जरूरत बताई गई है।
सूत्रों के अनुसार हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए थे, जिनमें जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों के व्यवहार और संवाद शैली को लेकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा है।
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