सबरीमाला मंदिर से सोना गायब होने का मामला: पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बी. मुरारी बाबू गिरफ्तार
पठानमथिट्टा (आरएनआई): केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से सोना गायब होने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंदिर के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बी. मुरारी बाबू को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी बुधवार देर रात उनके चांगनास्सेरी स्थित घर से की गई।
सूत्रों के अनुसार, मुरारी बाबू को निलंबित किए जाने के बाद से ही उन पर सोने की गुमशुदगी में भूमिका को लेकर संदेह था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए तिरुवनंतपुरम क्राइम ब्रांच कार्यालय ले जाया गया। गुरुवार सुबह सुबह 10 बजे के करीब एसआईटी ने उनकी गिरफ्तारी औपचारिक रूप से दर्ज की और उनके परिजनों को इस संबंध में जानकारी दी। इसके बाद परिवार को उनसे मुलाकात की अनुमति दी गई।
एसआईटी ने दाखिल की पहली रिपोर्ट
मंगलवार को एसआईटी ने इस मामले में केरल उच्च न्यायालय में एक सीलबंद लिफाफे में अपनी पहली रिपोर्ट जमा की थी। रिपोर्ट में जांच की प्रारंभिक प्रगति और संदिग्धों से जुड़ी जानकारियाँ शामिल हैं। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नियमित निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
क्या है मामला?
सबरीमाला मंदिर में कुछ समय पहले मंदिर के भंडार से सोना गायब होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। यह सोना त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (TDB) के नियंत्रण में था।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि सोने का कुछ हिस्सा प्रशासनिक प्रक्रिया में गड़बड़ी और लेखा विसंगतियों के कारण गायब हुआ बताया जा रहा है।
टीडीबी ने तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी बी. मुरारी बाबू को निलंबित करते हुए मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए थे।
आगे की कार्रवाई
एसआईटी अब मुरारी बाबू से पूछताछ के दौरान सोने के वास्तविक गुम होने की श्रृंखला का पता लगाने का प्रयास करेगी।
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने वित्तीय लेनदेन और रिकॉर्ड्स से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
यदि पर्याप्त सबूत मिले, तो अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना है।
पृष्ठभूमि
सबरीमाला मंदिर, जो भगवान अय्यप्पा को समर्पित है, दक्षिण भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। मंदिर का प्रबंधन त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (TDB) करता है, जो लाखों रुपये के दान और सोने के आभूषणों की देखरेख करता है।
सोने की गुमशुदगी का यह मामला बोर्ड की साख और पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर रहा है।
सबरीमाला के सोना गायब होने की जांच में एसआईटी की यह पहली बड़ी गिरफ्तारी है। आने वाले दिनों में यह जांच और गहराई तक जा सकती है। अदालत की निगरानी में चल रही यह प्रक्रिया मंदिर प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
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