रामलीला के मंच से अधिशासी अधिकारी ने रामलीला मैदान को अभिलेखों में दर्ज करने की जानकारी दी

Tuesday, September 30, 2025 - 14:27
Updated: 11 months ago
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रामलीला के मंच से अधिशासी अधिकारी ने रामलीला मैदान को अभिलेखों में दर्ज करने की जानकारी दी

शाहाबाद हरदोई। रामलीला मेला मैदान पठकाना की भूमि को 88 वर्ष बाद सोमवार को नगर पालिका के अभिलेखों और शाहाबाद के मानचित्र में स्थान आखिर मिल ही गया।नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ने सोमवार की शाम को रामलीला मेला मंच से मेला अध्यक्ष और कात्यायनी शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर की उपस्थिति में इस कार्यवाही से अवगत करवाया। आपको बता दें 1937 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राधेश्याम शर्मा भाई साहब ने रामलीला की स्थापना की थी।बुजुर्गों के अनुसार उस समय मेला की लीलाओं के लिए बहुत बड़ा मैदान था।लेकिन समय बदलने पर धीरे धीरे मेला मैदान के चारों तरफ लोगो ने अवैध कब्जा कर रामलीला मैदान को छोटा कर दिया।कात्यायनी शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर स्वामी आत्मानंद गिरी महाराज जब शक्तिपीठ पर आए तभी से उन्होंने रामलीला मैदान की हो रही दुर्दशा को बचाने की मुहिम शुरू की।उनकी मुहिम सोमवार 29 सितंबर को नगर पालिका के अभिलेखों में रामलीला मैदान और उसकी चौहद्दी दर्ज होने के साथ पूरी हुई। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार ने सोमवार की शाम को मेला अध्यक्ष संजय मिश्रा बबलू और पीठाधीश्वर गिरी महाराज की उपस्थिति में मेला मंच से बताया कि पठकाना मेला मैदान और उसकी चौहद्दी को नगर पालिका के अभिलेखों में दर्ज कर लिया गया है। अब शाहाबाद नगर के नक्शे में रामलीला मैदान पठकाना भी दर्ज किया जा चुका है।उन्होंने कहा रामलीला की लीलाओं से अच्छा अवसर नहीं हो सकता सभी लोग रामचंद्र जी के आदर्शों को आत्मसात करने का प्रयत्न करें। पीठाधीश्वर स्वामी आत्मानंद गिरी महाराज के प्रयास से नगर पालिका के अभिलेखों में रामलीला मैदान दर्ज होने पर पठकाना सहित रामलीला प्रेमियों और नगर वासियों में खुशी का माहौल है।

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