बांग्लादेश में चुनाव प्रचार की शुरुआत पर हिंसा भड़की: बीएनपी उम्मीदवार को गोली, दूसरे के घर में आगजनी; अंतरिम सरकार ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
ढाका (आरएनआई)। बांग्लादेश में फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनावों के प्रचार अभियान की शुरुआत हिंसा के साये में हुई। देश के कई हिस्सों में राजनीतिक झड़पें, गोलीबारी और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे चुनावी माहौल तनावपूर्ण बन गया है। चिटगांव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के उम्मीदवार एरशाद उल्लाह को गोली लगने से घायल कर दिया गया, जबकि कुमिल्ला जिले में अज्ञात उपद्रवियों ने एक अन्य बीएनपी उम्मीदवार के घर में आग लगा दी।
जुलाई 2024 में भड़की व्यापक हिंसा और उसके बाद अगस्त में प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से बांग्लादेश लगातार अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। वर्तमान में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद युनूस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार देश का संचालन कर रही है। इस बीच, चुनाव प्रचार की शुरुआत के साथ ही बढ़ती हिंसा ने राजनीतिक स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अंतरिम सरकार ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा की है और कहा है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की हिंसा या धमकी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि चिटगांव में घायल हुए बीएनपी उम्मीदवार एरशाद उल्लाह हमलावरों का सीधा निशाना नहीं थे, बल्कि उन्हें एक भटकी हुई गोली लगी। सरकार ने चिटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस (सीएमपी) को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और सभी उम्मीदवारों व मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही है।
मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनूस ने सुरक्षा एजेंसियों को आदेश दिया है कि दोषियों को हर हाल में पकड़ा जाए और कानून के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा, “हिंसा और भय की राजनीति बांग्लादेश के लोकतांत्रिक समाज में किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। सभी दलों से शांति बनाए रखने और एक सम्मानजनक, निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने की अपील की जाती है।”
वहीं बीएनपी ने जमात-ए-इस्लामी पर चुनावी माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि हाल ही में विश्वविद्यालय छात्र संघों — डीयूसीएसयू, आरयूसीएसयू और सीयूसीएसयू — में जमात समर्थित छात्र संगठनों की जीत के बाद से देश में अस्थिरता बढ़ी है। बीएनपी नेता अनवारुल हक ने कहा, “जमात-ए-इस्लामी और कुछ सरकारी सलाहकार मिलकर जानबूझकर माहौल बिगाड़ रहे हैं। इसमें कुछ विदेशी ताकतों की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।”
कुमिल्ला जिले में बीएनपी उम्मीदवार मोनोवार सरकार के घर को आग के हवाले किए जाने की घटना ने विपक्ष के आरोपों को और बल दिया है। उन्होंने कहा, “शरारती तत्वों ने मेरे घर में तोड़फोड़ और आगजनी की। यह विपक्ष को डराने की साजिश है।”
इन घटनाओं के बाद से बांग्लादेश का चुनावी माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया है। सरकार ने दोहराया है कि वह फरवरी 2026 के आम चुनाव को “स्वतंत्र, निष्पक्ष और उत्सवपूर्ण वातावरण” में कराने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।
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