पानी के दबाव से झुका भाखड़ा बांध, एहतियात के तौर पर डैहर पावर हाउस 30 नवंबर तक बंद
मंडी (आरएनआई)। भाखड़ा बांध में बढ़ते जलदबाव ने चिंता बढ़ा दी है। तकनीकी जांच में पाया गया कि बांध में एक डिग्री से अधिक झुकाव दर्ज हुआ है। हालांकि तकनीकी कमेटी ने इसे फिलहाल सामान्य स्थिति बताया है, लेकिन एहतियात के तौर पर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें जलस्तर घटाना और विद्युत परियोजना को अस्थायी रूप से बंद करना शामिल है।
बांध का जलस्तर 1673.24 फीट से घटाकर 1650 फीट तक लाने का निर्णय लिया गया है। इसके चलते ब्यास-सतलुज लिंक परियोजना (बीएसएल) के 990 मेगावाट क्षमता वाले डैहर पावर हाउस में बिजली उत्पादन को 30 नवंबर तक रोक दिया गया है। ऐसा पहली बार है जब यह परियोजना लगातार पंद्रह दिनों तक बंद रहेगी। पावर स्टेशन को पानी सप्लाई करने वाली बग्गी-सुंदरनगर नहर का प्रवाह रोक दिया गया है, जिससे पंडोह बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
स्थिति गंभीर इसलिए भी हो गई है क्योंकि परियोजना की छह में से पांच टरबाइन में गाद भर चुकी है। बढ़ते जलस्तर को संतुलित रखने के लिए अतिरिक्त पानी छोड़ना अब अनिवार्य हो गया है। इसी कारण बीबीएमबी ने चेतावनी जारी की है कि आवश्यकता पड़ने पर पंडोह बांध के स्पिलवे गेट किसी भी समय खोले जा सकते हैं।
नदी किनारे बसे गांव, किसानों, पशुपालकों, मछुआरों और तटवर्ती क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते जागरूक कर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें।
बीबीएमबी का कहना है कि जलस्तर में होने वाले हर परिवर्तन पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल ब्यास और सतलुज में पानी की कुल आवक करीब 10,000 क्यूसेक बनी हुई है, जिनमें ब्यास नदी की भागीदारी लगभग 3,000 क्यूसेक है। अगस्त के दौरान ही भाखड़ा बांध का जलस्तर 1680 फीट से ऊपर चला गया था, जबकि आमतौर पर सितंबर के दौरान यह स्तर देखा जाता है।
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