हिमाचल में नए साल पर मौसम की मेहरबानी, पहाड़ों पर बर्फ और मैदानों में बारिश से टूटा सूखे का दौर
शिमला (आरएनआई)। लंबे समय से सूखे जैसे हालात झेल रहे हिमाचल प्रदेश के लिए नए साल की शुरुआत राहत भरी रही। नववर्ष के पहले ही दिन प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई और किसानों-बागवानों के चेहरों पर उम्मीद लौट आई।
डलहौजी, शिकारी देवी, कमरुनाग, त्रियुंड और आदि हिमानी चामुंडा में पहली बार इस सर्दी में बर्फ गिरी, वहीं शिमला, कुफरी और नारकंडा में भी बर्फ के फाहे दिखाई दिए। कुल्लू, मंडी, हमीरपुर, सोलन, ऊना, बिलासपुर और चंबा जिलों के कई इलाकों में बारिश हुई। राजधानी शिमला में दोपहर बाद बूंदाबांदी ने ठिठुरन और बढ़ा दी। सोलंगनाला, अटल टनल, धुंधी और कोकसर जैसे इलाकों में बर्फ से ढकी वादियों ने सैलानियों को रोमांचित कर दिया।
इस बदलाव ने दिसंबर में पड़े लंबे ड्राई स्पैल को तोड़ दिया है। गौरतलब है कि दिसंबर 2025 पिछले 125 वर्षों में हिमाचल के लिए छठा सबसे सूखा दिसंबर रहा, जब सामान्य से 99 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई थी। ऐसे में नए साल की यह बारिश-बर्फबारी खेती और बागवानी के लिए संजीवनी साबित हो रही है। सेब उत्पादक विशेष रूप से खुश हैं, क्योंकि इस समय बर्फबारी को फसलों के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
मौसम के बदले मिजाज का असर तापमान पर भी दिखा। बारिश और बर्फबारी से प्रदेश में दिन के तापमान में आठ डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। शिमला में अधिकतम तापमान 10 डिग्री, मनाली में 9.4 डिग्री और नाहन में 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंड के साथ ही ऊपरी इलाकों में कड़ाके की सर्दी लौट आई है।
मंडी जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कमरुनाग में सीजन की पहली बर्फबारी के बाद पवित्र झील जम गई है। देवता कमरुनाग की इस झील का जमना इलाके के लिए खास धार्मिक और प्राकृतिक घटना मानी जाती है। बर्फ की चादर से ढके मंदिर परिसर को देखते हुए प्रशासन ने कमरुनाग और शिकारी देवी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए हैं और दुकानदारों व अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय देव समाज और ग्रामीणों में इसे देवता की कृपा के रूप में देखा जा रहा है।
लाहौल-स्पीति के खंगसर गांव के सामने पीर पंजाल की चोटियों से हिमस्खलन भी हुआ, जहां भारी बर्फ पहाड़ से फिसलकर चंद्रा नदी तक पहुंची, हालांकि किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। पर्यटकों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आने वाले दिनों को लेकर बताया है कि शुक्रवार से सात जनवरी तक मौसम साफ रहने की संभावना है, जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में घने कोहरे को लेकर चार जनवरी तक येलो अलर्ट जारी किया गया है।
कुल मिलाकर नए साल की यह बारिश और बर्फबारी हिमाचल के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है। सूखे से परेशान किसान और बागवान अब अच्छी पैदावार की आस लगाए बैठे हैं, वहीं बर्फ से सजी पहाड़ियों ने प्रदेश को एक बार फिर सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना दिया है।
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