जमीन प्रकरण में बड़ा फर्जीवाड़ा: लेखपाल ने अधिकारी के हस्ताक्षर तक कॉपी किए
मथुरा (आरएनआई) एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक लेखपाल पर चकबंदी से संबंधित जमीन के मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार कर चकबंदी अधिकारी के हस्ताक्षर जालसाजी से लगाने और पीड़ित से लगभग 8.50 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। इस संबंध में पीड़ित ग्रामीण ने शिकायत दर्ज कराई है।
थाना राया क्षेत्र के गांव खालताबास निवासी पीड़ित नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी खाता संख्या 957, गाटा संख्या 1193 तथा खाता संख्या 7840, गाटा संख्या 57840 से संबंधित जमीन पर चकबंदी प्रक्रिया लंबित थी। इन खातों की घेराबंदी स्वीकृत थी, लेकिन चकबंदी में देरी का हवाला देकर लेखपाल ने उनसे लगातार पैसे वसूलते हुए परेशान किया।
पीड़ित के अनुसार, लेखपाल ने फर्जी कागज़ तैयार कर चकबंदी अधिकारी के नाम से आदेश जारी कर दिया। जमीन के नाप-जोख के नाम पर उनसे कई बार बड़े पैमाने पर रुपये की मांग की गई। उनकी शिकायत के अनुसार, कुल मिलाकर 8.50 लाख रुपये की धनराशि उनसे वसूली गई।
पीड़ित ने दस्तावेजों की जांच कराई तो पता चला कि जिस आदेश के आधार पर भूमि सुधार और सीमांकन कार्य दिखाया गया था, उस पर चकबंदी अधिकारी के नकली हस्ताक्षर किए गए थे। जब पीड़ित ने आपत्ति उठाई तो लेखपाल द्वारा धमकी दी गई कि यदि वह शिकायत करेगा तो फर्जी मुकदमों में फंसाकर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने थाने में तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रकरण वर्तमान समय में वित्तविहीन चकबंदी अधिकारी के पास विचाराधीन बताया गया है। पीड़ित का कहना है कि वह कई वर्षों से न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है।
इस मामले में पुलिस भी अब हर पहलू पर जांच कर रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
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