एमपी में हजारों करोड़ का स्वास्थ्य बजट, फिर भी गरीब लाचार—सागर की घटना ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
मध्यप्रदेश(आरएनआई)मध्यप्रदेश में जहां सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹23,535 करोड़ का बजट और एम्बुलेंस सेवा के लिए अलग से करीब ₹900 करोड़ का प्रावधान किया है, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। सागर जिले में एम्बुलेंस न मिलने के कारण एक मजबूर पति को अपनी बीमार पत्नी को हाथगाड़ी पर अस्पताल ले जाना पड़ा, लेकिन समय पर इलाज न मिलने से महिला की मौत हो गई। यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आम लोगों का कहना है कि जब बजट और योजनाएं कागजों में मौजूद हैं, तो जरूरत के वक्त एम्बुलेंस क्यों नहीं पहुंचती। सरकार और प्रशासन से जवाब मांगा जा रहा है कि आखिर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवंटित करोड़ों रुपये जमीन पर क्यों दिखाई नहीं देते। जनता का आक्रोश इस बात को लेकर है कि आयोजन और प्रचार से आगे बढ़कर अब सरकार को ग्रामीण और गरीब तबके की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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