उत्तराखंड: आपदा प्रभावित 98 परिवारों को मिली 5-5 लाख रुपये की सहायता
धराली आपदा में जिंदगी की तलाश जारी है। आपदा को एक हफ्ता हो गया है। वहीं, मौसम की चुनौती के बीच आज रेस्क्यू के लिए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व जिला प्रशासन ड्रोन और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटी हैं।
उत्तरकाशी (आरएनआई) प्रदेश सरकार की ओर से धराली में आपदा प्रभावित 98 परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए गए। यह वितरण गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश सिंह चौहान द्वारा किया गया।
धराली के मलबे में दबी जिंदगियों की तलाश अब राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई) का ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) करेगा। इसके लिए एनजीआरआई की विशेषज्ञ टीम धराली पहुंच गई। एनजीआरआई ने इस साल फरवरी में तेलंगाना में एसएलबीसी सुरंग हादसे में फंसे लोगों का पता लगाने के लिए जीपीआर रडार का इस्तेमाल किया था। इसी प्रकार धराली में एनजीआरआई के वैज्ञानिक उन जगहों की पहचान करेंगे, जहां मानव उपस्थिति हो सकती है। इससे बचाव दल उन स्थानों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। जीपीआर सर्वेक्षणों से मलबे के भीतर विसंगतियों का पता चलेगा। जीपीआर एक भू-भौतिकीय विधि है, जो सतह के नीचे वस्तुओं और संरचनाओं का पता लगाने के लिए रेडियो तरंगों का उपयोग करती है। कीचड़ और पानी की उपस्थिति के बीच भी एनजीआरआई का ये रडार मानव की उपस्थिति का पता लगा सकते हैं।
ग्रामीणों के लिए घोड़े खच्चरों के माध्यम से राशन सामग्री पहुंचाई जा रही है। वहीं आपदा प्रभावित ग्रामीणों के लिए समेश्वर देवता मंदिर में सामूहिक भोजन बनाया जा रहा है।
धराली आपदा के छह दिन बाद वहां पर मलबे में सेना, आईटीबीपी सहित एनडीआरफ, एसडीआरएफ की ओर से खोज बचाव शुरू कर दिया गया है। मलबे के बीच खुदाई कर लापता लोगों को ढूढा जा रहा है। वहीं, निम और सेना रेको डिडेकटर मशीन से वहां पर सर्च अभियान चला रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रतिनिधियों ने उत्तरकाशी जिले के धराली में आई आपदा में राहत कार्यों के लिए सीएम राहत कोष में एक करोड़ की राशि दी। रविवार को सीएम आवास में बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रतिनिधिमंडल ने धराली व हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के राहत कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में एक करोड़ की धनराशि का योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।
गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा, "फिलहाल 50 लापता लोगों की सूची तैयार की गई है। बिहार और उत्तर प्रदेश से कई लापता लोग जो काम के लिए यहां आए थे, उनकी भी तलाश की गई है। टीम सक्रिय रूप से बचाव कार्य कर रही है, खोजी कुत्ते उनके स्थान की खोज कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयं एक शिविर स्थापित किया और दो दिनों तक कार्य की निगरानी की। मैं 3-4 दिनों से यहां हूं। प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक धन और अन्य आपूर्ति भी यहां पहुंच गई है। सड़कें खोलना और धराली को फिर से बसाना हमारे लिए एक चुनौती है। मुख्यमंत्री इसके लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री भी मुख्यमंत्री से बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तुरंत उन मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये की घोषणा की है। आज, सभी प्रभावितों को राशि वितरित की जाएगी।"
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