‘यह चुनाव नहीं, लोकतांत्रिक जंग’: TVK नेता विजय थलापति ने साधा डीएमके, बीजेपी और AIADMK पर निशाना
चेन्नई (आरएनआई) — तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से राजनीतिक नेता बने विजय थलापति का रुख आग उगलता जा रहा है। रविवार को महाबलीपुरम में तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) के साथ हुई अहम बैठक में विजय ने आगामी विधानसभा चुनाव को “सिर्फ़ चुनाव नहीं, यह लोकतांत्रिक युद्ध है” कहते हुए पारंपरिक पार्टियों—डीएमके, बीजेपी और एआईएडीएमके—पर कड़ी चोट की। उन्होंने खुद को एक वैकल्पिक शक्ति के रूप में स्थापित करने का स्पष्ट इरादा जताया।
विजय ने आरोप लगाया कि एआईएडीएमके “सीधे तौर पर” और डीएमके “अनौपचारिक रूप से” भाजपा के सामने समर्पण कर चुके हैं। उनका कहना था कि इन पुरानी पार्टियों ने अब तक जनता के विश्वास को खो दिया है और वे खिलाड़ियों के रूप में नहीं, बल्कि सत्ता संरचनाओं का हिस्सा बन गए हैं। विजय ने पार्टी नेताओं और समर्थकों को “फ्रंटलाइन वॉरियर्स” कहा और जोर देकर कहा कि वे किसी भी दबाव में नहीं झुकेंगे।
हाल के दिनों में विजय पर केंद्रीय एजेंसियों की पूछताछ और सेंसर बोर्ड की फिल्म ‘जना नायकन’ की रिलीज़ पर रोक के बाद वह लगातार बेचैनी का खुलकर सामना कर रहे हैं। इस पर विजय ने पूछा, “क्या मेरा चेहरा ऐसा दिखता है कि मैं दबाव में झुक जाऊँ?” उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों से तमिलनाडु की राजनीति में उन्हें कम आंका गया, पर जनता ने हमेशा उन्हें पहचान और सम्मान दिया है।
विजय ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य की सत्ताधारी पार्टियाँ पोलिंग बूथ्स का दुरुपयोग करके फर्जी वोटिंग को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि TVK भ्रष्ट ताकतों और पुरानी राजनीतिक संरचनाओं—विशेषकर डीएमके और एआईएडीएमके—से सीधे मुकाबला करेगा। उनका कहना था कि उनकी पार्टी किसी गठबंधन पर अभी अंतिम निर्णय नहीं दी है और यह निर्णय स्वयं विजय लेंगे। विजय ने यह भी कहा कि अगर कोई सहयोगी नहीं मिला तो भी TVK अपनी ताकत से चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करेगा।
पार्टी के पदाधिकारियों के अनुसार, सोमवार से पूरे तमिलनाडु में चुनाव प्रचार यात्रा शुरू होगी, जो सभी विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी।
विजय क्यों चर्चा में हैं?
51 वर्षीय विजय पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक सुर्खियों में हैं। पिछले वर्ष सितंबर में करूर में आयोजित रैली के दौरान भगदड़ की घटना में 41 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद सीबीआई ने उनसे दो बार दिल्ली में पूछताछ की है। उसी मामले और जना नायकन फिल्म की रिलीज़ रोक को लेकर उन्होंने अदालत का रुख भी किया है। विजय का यह राजनीतिक आक्रामक रुख यह संकेत देता है कि वे तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं, और आने वाले विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी TVK अहम भूमिका निभा सकती है।
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