होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: 24 घंटे से बंद जहाजों की आवाजाही, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के खिलाफ प्रस्ताव की तैयारी
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक समुद्री व्यापार पर साफ दिखाई देने लगा है। रूसी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से पिछले 24 घंटों में एक भी जहाज नहीं गुजरा है। मरीन ट्रैफिक डेटा के हवाले से कहा गया है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह ठप हो चुकी है।
दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में खाड़ी देशों ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात के वरिष्ठ राजनयिकों ने संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस प्रस्ताव को सऊदी अरब, कुवैत और अमेरिका का भी समर्थन मिल रहा है।
प्रस्ताव में ईरान पर आरोप लगाया गया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले कर रहा है और समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से “गैरकानूनी टोल” वसूल रहा है। इसके अलावा ईरान से समुद्री रास्तों में बिछाई गई बारूदी सुरंगों की जानकारी साझा करने और राहत सामग्री, खाद्य आपूर्ति तथा जरूरी सामान पहुंचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता व्यवस्था में सहयोग करने की मांग की गई है।
वहीं ईरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर-सईद इरावानी ने एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर कहा कि अमेरिकी सैन्य गतिविधियां युद्धविराम का खुला उल्लंघन हैं।
ईरान का दावा है कि जास्क पोर्ट और होर्मुज क्षेत्र के पास उसके दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया, जबकि तटीय इलाकों पर भी हमले हुए हैं। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सैन्य गतिविधियां जारी रहीं तो इसके गंभीर परिणाम होंगे, जिनका असर केवल पश्चिम एशिया ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति और वैश्विक व्यापार पर भी पड़ेगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



