सरस्वती शिशु मंदिर छिंदगढ़ में सफल पालक बैठक का आयोजन
सुकमा (आरएनआई) सुकमा जिला छिंदगढ़ में स्थित सरस्वती शिशु मंदिर छिंदगढ़ में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सफल पालक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में आगामी कार्य योजना, शिक्षण संबंधी सुधार, विशेष कक्षा, दशहरा अवकाश की पढ़ाई और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
विद्यालय प्रबंध समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती कौशल्या दान्दड़े ने बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पालक बैठकें विद्यालय और पालकों के बीच संवाद को मजबूत बनाती हैं, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव हो पाता है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अजय दास ने विद्यालय के नियमावली, अनुशासन और संस्कार पक्ष के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अभिभावकों को विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों के विषय में जानकारी दी।
सरस्वती शिशु मंदिरों की शिक्षा पद्धति भारतीय संस्कृति और मूल्यों पर आधारित होती है, जिसमें छात्रों का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, नैतिक और आध्यात्मिक विकास प्रमुख है। पंचपदी शिक्षण पद्धति के माध्यम से छात्रों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
इस बैठक में 40 अभिभावक, 2 प्रबंध समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य श्रीमती कौशल्या दान्दड़े जी और श्रीमती पूर्णिमा मंडल जी श्री रमेश मांझी (श्रीमती शाहिदा सिंह भी उपस्थित थीं), और विद्यालय के आचार्य/दीदी उपस्थित रहे, जिनमें श्रीमती राजमणी लोहाना, श्रीमती चंपावती नाग, श्री राकेश नाग, कुमारी वृंदा बघेल, कुमारी शांति मरकाम, कुमारी मीनाक्षी बघेल, कुमारी लिली कश्यप, श्रीमती कविता नाग, कुमारी रितु बघेल और कुमारी अंकिता नाग शामिल थीं। किया गया। इस बैठक में आगामी कार्य योजना, शिक्षण संबंधी सुधार, विशेष कक्षा, दशहरा अवकाश की पढ़ाई और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
विद्यालय प्रबंध समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती कौशल्या दान्दड़े ने बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पालक बैठकें विद्यालय और पालकों के बीच संवाद को मजबूत बनाती हैं, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव हो पाता है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अजय दास ने विद्यालय के नियमावली, अनुशासन और संस्कार पक्ष के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अभिभावकों को विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों के विषय में जानकारी दी।
सरस्वती शिशु मंदिरों की शिक्षा पद्धति भारतीय संस्कृति और मूल्यों पर आधारित होती है, जिसमें छात्रों का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, नैतिक और आध्यात्मिक विकास प्रमुख है। पंचपदी शिक्षण पद्धति के माध्यम से छात्रों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
इस बैठक में 40 अभिभावक, 2 प्रबंध समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य श्रीमती कौशल्या दान्दड़े जी और श्रीमती पूर्णिमा मंडल जी श्री रमेश मांझी (श्रीमती शाहिदा सिंह भी उपस्थित थीं), और विद्यालय के आचार्य/दीदी उपस्थित रहे, जिनमें श्रीमती राजमणी लोहाना, श्रीमती चंपावती नाग, श्री राकेश नाग, कुमारी वृंदा बघेल, कुमारी शांति मरकाम, कुमारी मीनाक्षी बघेल, कुमारी लिली कश्यप, श्रीमती कविता नाग, कुमारी रितु बघेल और कुमारी अंकिता नाग शामिल थीं।
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