संगठनों ने यूजीसी नियमों पर रोक लगाने पर जताया सुप्रीम कोर्ट का आभार
मथुरा (आरएनआई) परशुराम शोभा यात्रा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पण्डित राम गोपाल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी काला कानून के नये नियमों पर सुनवाई करते हुए, केंद्र सरकार के ऊपर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियम नियमों पर सुनवाई करते हुए कहा, की यूजीसी के नए नियम अस्पष्ट है और इसके दुरुपयोग का खतरा है जिस बात को वृंदावन से बिगुल बजाकर सभी संगठनों ने अपना विरोध जिला अधिकारी महोदय को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा था, उन सभी बातों को सुप्रीम कोर्ट ने मानते हुए यूजीसी के नए नियमों पर स्टे लगा दिया है।।
अब इसकी सुनवाई 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी उच्च संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने भी नियम 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है इन नियमों को 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित किया गया था । सभी याचिका कर्ताओं ने इसे भेदभावपूर्ण और मनमाना करार देते हुए संविधान के साथ-साथ यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन एक्ट 1956 के विरोध बताया था। ।
परशुराम शोभायात्रा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल शर्मा ने भी इस सवर्ण समाज के साथ धोखाधड़ी वाला कानून करार दिया।
वामन अवतार शोभायात्रा समीति के संस्थापक पंडित श्याम शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का अभार जताते हुए इसे सवर्ण समाज की बड़ी जीत बताया और केंद्र सरकार से भी मांग की इस कानून को रद्द कर समानता का अधिकार लाया जाए। । अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण सभा के जिला अध्यक्ष दुष्यंत शर्मा ने भी इस पर खुशी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट और समर्थकों को आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह नियम बच्चों को बच्चों से बांटने वाला नियम था यह समानता के अवसर को समाप्त करने वाला कानून था इससे बच्चों में विघटनकारी नीति को बढ़ावा मिलता और यह देश के लिए घातक सिद्ध हो रहा था। ।सुप्रीम कोर्ट के आदेश आने पर एक दूसरे को मिठाई खिलाकर इस आदेश का स्वागत किया इस अवसर पर पंडित संजय हरियाणा पंडित राम गोपाल शर्मा पंडित श्याम शर्मा पंडित आशीष शर्मा पंडित अर्जुन शर्मा पंडित दुष्यंत शर्मा गौरव शर्मा अजय शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
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