वसंत पंचमी 2026: इस शुभ मुहूर्त में करें सरस्वती पूजा, जानिए शहर के अनुसार सही समय
नई दिल्ली (आरएनआई)। आज वसंत पंचमी के पावन अवसर पर देशभर में मां सरस्वती की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन विधि-विधान और शुभ मुहूर्त में की गई सरस्वती पूजा से ज्ञान, बुद्धि और विवेक का विकास होता है। इस दिन किए गए विद्या संस्कार बच्चों के शैक्षणिक जीवन की मजबूत नींव रखते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की आराधना करने से विद्या संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और एकाग्रता में वृद्धि होती है। शास्त्रों में इस दिन को शिक्षा, कला और बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। सुबह स्नान के बाद पीले या सफेद वस्त्र धारण कर मां सरस्वती की पूजा करने की परंपरा है।
इस वर्ष वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा के शुभ मुहूर्त शहरों के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं। जयपुर में प्रातः 7 बजकर 16 मिनट से दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक पूजा का श्रेष्ठ समय है, जबकि चंडीगढ़ में यह मुहूर्त सुबह 7 बजकर 19 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। भोपाल में प्रातः 7 बजकर 8 मिनट से दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक पूजा करना शुभ माना गया है। वाराणसी में सरस्वती पूजा का शुभ समय सुबह 6 बजकर 54 मिनट से दोपहर 12 बजकर 16 मिनट तक है।
देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी पूजा के लिए विशेष मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं। दिल्ली में प्रातः 7 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक, मुंबई में सुबह 7 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक और अहमदाबाद में प्रातः 7 बजकर 22 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक सरस्वती पूजा का शुभ समय रहेगा। चेन्नई में सुबह 6 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक, हैदराबाद में सुबह 6 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक और बेंगलुरु में प्रातः 6 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक पूजा का विधान है। पटना में सुबह 6 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 15 मिनट तक और गुवाहाटी में सुबह 6 बजकर 5 मिनट से 11 बजकर 35 मिनट तक सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा।
वसंत पंचमी पर शुभ चौघड़िया मुहूर्त के अनुसार लाभ और उन्नति का समय प्रातः 8 बजकर 33 मिनट से 9 बजकर 53 मिनट तक, अमृत मुहूर्त प्रातः 9 बजकर 53 मिनट से 11 बजकर 13 मिनट तक और शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 33 मिनट से 1 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मां सरस्वती को हल्दी, सफेद चंदन, खीर और कलम अर्पित करना विशेष फलदायी माना गया है। विद्यार्थियों के लिए कलम और पुस्तकों की पूजा का विशेष महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विभिन्न राशियों के लिए भी वसंत पंचमी पर विशेष उपाय बताए गए हैं, जिनसे शिक्षा और करियर में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।
वसंत पंचमी के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। इस दिन बिना स्नान पूजा नहीं करनी चाहिए, तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए और काले रंग के वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए। साथ ही पेड़-पौधों को नुकसान न पहुंचाने और सात्विक आचरण बनाए रखने की परंपरा है।
कुल मिलाकर वसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, संस्कार और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। आज के दिन मां सरस्वती की आराधना कर श्रद्धालु अपने जीवन में विद्या, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा की कामना कर रहे हैं।
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